हरियाणा में प्रशासनिक तैनाती पर बड़ा सवाल: 11 जूनियर IAS और 12 जूनियर HCS एक ही पद पर 

 
हरियाणा में प्रशासनिक तैनाती पर बड़ा सवाल: 11 जूनियर IAS और 12 जूनियर HCS एक ही पद पर 

IAS को चार साल बाद सीनियर स्केल, HCS के लिए पांच साल की सेवा का प्रावधान; फिर तीन साल के भीतर ही 12 HCS अधिकारी कैसे बने SDM?

कैडर निर्धारण आदेश में SDM के पद सीनियर स्केल और सिलेक्शन ग्रेड से जुड़े होने का दावा; IAS-HCS की समान पदों पर तैनाती ने छेड़ी प्रशासनिक बहस

चंडीगढ़। हरियाणा में प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती को लेकर एक अहम सवाल खड़ा हो गया है। राज्य में जहां 2023 और 2024 बैच के कुल 11 जूनियर स्केल IAS अधिकारी, वहीं 2023 बैच के 12 जूनियर स्केल HCS अधिकारी भी उपमंडल अधिकारी (नागरिक)—SDM के पद पर तैनात हैं। एक ओर अखिल भारतीय सेवा के युवा IAS अधिकारियों को शुरुआती करियर में SDM की जिम्मेदारी देना सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है, वहीं दूसरी ओर जूनियर स्केल HCS अधिकारियों की इसी पद पर तैनाती ने सेवा नियमों, कैडर संरचना और पद की पात्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग के दिसंबर 2025 के HCS कैडर निर्धारण आदेश में SDM यानी SDO (सिविल) के पद सीनियर स्केल और सिलेक्शन ग्रेड के अधिकारियों के लिए दर्शाए गए हैं, तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जूनियर स्केल HCS अधिकारियों को इन पदों पर किस नियम और किस प्रशासनिक व्यवस्था के तहत तैनात किया गया है।

23 युवा अधिकारी, एक ही जिम्मेदारी

उपलब्ध तैनाती विवरण के अनुसार, 2023 बैच के सात IAS अधिकारियों में से छह वर्तमान में SDM के रूप में कार्यरत हैं। इनमें अंकिता पंवार (सांपला), अभिनव सिवाच (बहादुरगढ़), आकाश शर्मा (टोहाना), कनिका गोयल (अंबाला कैंट), योगेश सैनी (महेंद्रगढ़) और रवि मीणा (झज्जर) शामिल हैं।

इसी प्रकार, 2024 बैच के सभी पांच IAS अधिकारी—अदिति सिंघानिया (ऐलनाबाद), राहुल कांवरिया (पेहोवा), रूहानी (फिरोजपुर झिरका), सुमन यादव (उचाना कलां) और योगेश दिल्होर (डबवाली)—भी SDM के पद पर तैनात बताए गए हैं।

दूसरी ओर, 2023 बैच के 12 HCS (कार्यकारी शाखा) अधिकारी भी विभिन्न उपमंडलों में यही जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनमें कुंवर आदित्य विक्रम (नूंह), गुरविंदर सिंह (नारनौल), विपिन कुमार (महम), आशीष सांगवान (बाढ़ड़ा), अजय हुड्डा (कलायत), रमन गुप्ता (इंद्री), लोकेश (मानेसर), विश्वनाथ (जगाधरी), हन्नी बंसल (फरीदाबाद), पारस भगोरिया (ऐलनाबाद), हरि राम (हथीन) और अंकित कुमार-2 (गोहाना) शामिल हैं।

इस प्रकार, प्रस्तुत विवरण के मुताबिक, दोनों सेवाओं के कुल 23 युवा अधिकारी समान प्रशासनिक पद पर तैनात हैं। हालांकि, समान पद पर तैनाती का अर्थ अपने आप में दोनों सेवाओं के संवर्ग, वेतनमान, वरिष्ठता अथवा सेवा-दर्जे की समानता नहीं है।

दिसंबर 2025 के कैडर आदेश ने बढ़ाई जिज्ञासा

हेमंत कुमार के अनुसार, हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा दिसंबर 2025 में जारी HCS कैडर संख्या निर्धारण आदेश में SDM/SDO (सिविल) के पदों को सीनियर स्केल एवं सिलेक्शन ग्रेड से संबंधित दर्शाया गया है। उनके मुताबिक, इस वर्गीकरण के मद्देनजर यह सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है कि 2023 बैच के HCS अधिकारियों को लगभग तीन वर्ष की सेवा के भीतर ही SDM जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने का आधार क्या है।

उन्होंने कहा कि यदि संबंधित कैडर आदेश और लागू सेवा नियमों में इन पदों के लिए वास्तव में पांच वर्ष की सेवा अथवा सीनियर स्केल की शर्त निर्धारित है, तो संबंधित अधिकारियों की पात्रता और उनकी नियुक्तियों का नियमगत आधार स्पष्ट होना चाहिए।

हेमंत कुमार ने सरकार से इस विषय में लागू सेवा नियमों, कैडर निर्धारण आदेश और संबंधित नियुक्ति आदेशों की स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता पर बल दिया।

IAS की करियर प्रगति का ढांचा अलग

सीधी भर्ती से नियुक्त IAS अधिकारियों की शुरुआती सेवा में SDM के रूप में तैनाती सामान्य प्रशासनिक परंपरा का हिस्सा रही है। IAS अधिकारियों को निर्धारित सेवा अवधि और लागू नियमों के अनुसार सीनियर स्केल मिलता है। आगे चलकर अनुभव, पात्रता, उपलब्ध पदों और सरकार के निर्णय के अनुसार उन्हें अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) तथा उपायुक्त (DC) जैसे पदों पर जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

HCS अधिकारियों की पदोन्नति, वेतनमान और कैडर संबंधी व्यवस्था अलग सेवा नियमों से संचालित होती है। इसलिए दोनों सेवाओं की तुलना करते समय उनके अलग-अलग भर्ती नियमों, पदोन्नति प्रावधानों और कैडर संरचना को ध्यान में रखना आवश्यक है।

सरकार के अधिकार पर सवाल नहीं, नियमों की स्पष्टता जरूरी

हेमंत कुमार ने कहा कि अधिकारियों की नियुक्ति, तैनाती और तबादले राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आते हैं। लेकिन इस अधिकार का प्रयोग संबंधित सेवा नियमों, कैडर प्रावधानों और लागू प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुरूप होना चाहिए।

उनके अनुसार, मुद्दा IAS और HCS अधिकारियों के बीच किसी प्रकार की अनावश्यक तुलना करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि समान पद पर तैनाती के लिए निर्धारित पात्रता और नियमों की व्याख्या स्पष्ट एवं पारदर्शी हो।

अब मुख्य सवाल यह है कि क्या SDM पद पर जूनियर स्केल HCS अधिकारियों की तैनाती लागू नियमों के अनुरूप है, या दिसंबर 2025 के कैडर निर्धारण आदेश और वास्तविक तैनाती व्यवस्था के बीच किसी स्पष्टीकरण की आवश्यकता है? हरियाणा सरकार के संबंधित विभाग की नियमगत स्थिति स्पष्ट होने से इस प्रशासनिक बहस को तथ्यात्मक आधार मिल सकता है।