सरकारी ऋण योजना से स्वरोजगार शुरु कर रतेरा के भूप सिंह ने दूर की अपनी बेरोजगारी
भिवानी, 03 सितंबर। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, भिवानी द्वारा संचालित स्वरोजगार संबंधी ऋण योजना रतेरा निवासी भूप सिंह के लिए आत्म निर्भरता का माध्यम बनी है। उन्होंने ऋण सहायता से किरयाणा की दुकान चलाई, इससे जीवन में उसके समक्ष बनी बेरोजगारी की समस्या भी दूर हुई है।
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा स्वरोजगार के लिए अलग-अलग विभागों द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा भी अनेक प्रकार की ऋण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसके सहारे जरूरतमंद लोग अपना रोजगार शुरु कर सकते हैं। ऋण सहायता लेकर एक बदलाव गांव रतेरा निवासी भूप सिंह के जीवन में भी आया है। भूप सिंह ने बताया कि पहले रोजगार की तलाश में थे। परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और स्वयं का रोजगार शुरू करने की इच्छा थी, लेकिन पर्याप्त पूंजी उपलब्ध नहीं थी। इसी दौरान उन्हें अखबार के माध्यम से हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, भिवानी द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी मिली।
योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने निगम कार्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऋण के लिए आवेदन किया। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के कुछ समय बाद एनएसएफडीसी के तहत किराना दुकान स्थापित करने के लिए कुल एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इसमें उन्हें 50 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ।
सरकारी योजना की सहायता से उन्होंने अपनी किराना दुकान शुरू की, जिससे उन्हें नियमित रोजगार का साधन मिला और उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया। आज वह अपनी मेहनत और सरकारी सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
भूप सिंह का कहना है कि सरकारी योजना की जानकारी मिलने और उसका लाभ उठाने से उनके लिए रोजगार का नया रास्ता खुला। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एवं हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की पहल सराहनीय है। उन्होंने सरकार एवं निगम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
