पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद पैकेजिंग और एआई पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
सिरसा, 15 सितंबर।
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन एमएसएमई-विकास कार्यालय, करनाल की ओर से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सिरसा में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद पैकेजिंग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई डीएफओ करनाल के सहायक निदेशक हरपाल सिंह के संबोधन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में जिला एमएसएमई केंद्र सिरसा के संयुक्त निदेशक दिनेश ने पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के सत्यापन एवं प्रशिक्षण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विश्वकर्मा कारीगरों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों के लिए उपलब्ध निर्यात अवसरों के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया। वहीं, सिरसा के लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) संजीव कुमार ने ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा इससे संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी साझा की।
इंटरनेट स्पेस एकेडमी सिरसा के हरि राठी ने डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग और डिजिटल मार्केटिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कारीगर अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाकर अधिक ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं। इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक, सिरसा के प्रदीप ने ऋण एवं विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी प्रतिभागियों के साथ साझा की।
एमएसएमई डीएफओ करनाल की आरती कानिया ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग तथा व्यावसायिक गतिविधियों में इसकी संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई का उपयोग उत्पादों के प्रचार-प्रसार, ग्राहकों तक पहुंच बनाने, व्यवसाय प्रबंधन तथा डिजिटल माध्यमों पर प्रभावी तरीके से कार्य करने में किया जा सकता है।
इसके पश्चात एमएसएमई डीएफओ करनाल के सहायक निदेशक मुकेश वर्मा की ओर से प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान पीएम विश्वकर्मा योजना और व्यवसाय से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराने में भी सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा प्रतिभागियों के व्यवसाय एवं उत्पादों के लिए क्यूआर कोड जनरेट किए गए, ताकि वे डिजिटल माध्यम से अपने उत्पादों का प्रचार एवं विपणन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें।
