नशा-मुक्त भारत के लिए जिला में गांव-गांव चलाया जा रहा जागरूकता अभियान: सीजेएम पवन कुमार
- नालसा की ड्रग जागरूकता एवं वेलनेस नेविगेशन योजना के तहत ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
भिवानी, 09 अक्टूबर। नशा-मुक्त भारत के निर्माण और समाज को नशे की बुराई से बचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा अक्टूबर माह के दौरान जिले के विभिन्न गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए डॉ. गगनदीप कौर सिंह के निर्देशानुसार तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए पवन कुमार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की ड्रग जागरूकता एवं वेलनेस नेविगेशन योजना के तहत लोगों को नशे के दुष्प्रभावों, बचाव और नशा पीड़ितों के पुनर्वास के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
सीजेएम पवन कुमार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे की समस्या के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा नशे से प्रभावित लोगों को उचित सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में सहयोग करना है। अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी देकर नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करती है।
सीजेएम ने कहा कि नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रशासन, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, ग्रामीण प्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें तथा नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के प्रति भेदभाव करने के बजाय उन्हें उचित उपचार और सहायता दिलाने में सहयोग करें।
उन्होंने आमजन से नशा-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए अपने परिवार, गांव और आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही स्वस्थ, सुरक्षित और नशा-मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
