माय भारत के तत्वावधान में राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान में आयोजित हुआ जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम

 
- माय भारत के तत्वावधान में राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान में आयोजित हुआ जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

फरीदाबाद, 13 अक्टूबर।
माय भारत (MY Bharat) के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय, खेड़ी गुजरान में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला युवा अधिकारी प्रियंका दलाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला युवा अधिकारी प्रियंका दलाल ने कहा कि आपदा जोखिम कम करने के लिए समय रहते तैयारी, सुरक्षा नियमों का पालन और आपातकालीन परिस्थितियों में सूझबूझ से काम लेना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से स्वयं जागरूक बनने और परिवार एवं समाज में सुरक्षा संबंधी जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी समाज का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के दर्शन भाटिया ने विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, दुर्घटनाओं में सावधानियों, सड़क सुरक्षा नियमों और प्राथमिक उपचार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, सुरक्षित स्थान पर पहुंचने, आवश्यकतानुसार आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने तथा स्वयं सुरक्षित रहते हुए जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार ने जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में माय भारत की ओर से अभिषेक राना ने सक्रिय भूमिका निभाई।

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस प्रत्येक वर्ष 13 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना, आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समुदायों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण में प्रत्येक नागरिक की जागरूकता, सतर्कता और सहभागिता महत्वपूर्ण है।