महर्षि कश्यप के जीवन दर्शन विविध आयाम पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन,
महर्षि कश्यप ने समाज को प्रकृति, जीव-जंतुओं और समस्त प्राणियों के प्रति करुणा एवं सम्मान का दिया संदेश-कृष्ण कुमार बेदी
केयूके सीनेट हॉल में संस्कृत पालि प्राकृत विभाग में महर्षि कश्यप पीठ की हुई स्थापना
चंडीगढ़ 5 अक्टूबर - हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि महर्षि कश्यप ने समाज को प्रकृति, जीव-जंतुओं और समस्त प्राणियों के प्रति करुणा एवं सम्मान का संदेश दिया। उनकी परंपरा भारतीय संस्कृति में परिवार, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती है। यही कारण है कि आज भी विभिन्न क्षेत्रों में महर्षि कश्यप की जयंती एवं स्मृति कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए जाते है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में संस्कृत पालि प्राकृत विभाग में स्थापित महर्षि कश्यप पीठ के अंतर्गत महर्षि कश्यप के जीवन दर्शन विविध आयाम पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने विशिष्ट अतिथि के रुप में शिरकत की। इससे पहले मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने महर्षि कश्यप की प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा के महान ऋषियों में से एक माने जाते हैं। भारतीय धार्मिक एवं पौराणिक ग्रंथों में उनका उल्लेख एक विद्वान, तपस्वी और महान ऋषि के रूप में मिलता है। उनके जीवन और शिक्षाओं में ज्ञान, तप, त्याग, सेवा तथा सद्भावना का विशेष महत्व बताया गया है।
उन्होंने विश्वविद्यालय में महर्षि कश्यप पीठ के स्थापित होने पर सभी को बधाई दी और प्रदेश सरकार का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि संत, महापुरुष, ऋषि-महाषियों की जयंती समारोह प्रदेश सरकार द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित किए जा रहे है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार चहुमुखी विकास के पथ पर अग्रसर है तथा बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करवाए जा रहे है।
इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप, संस्कृत अकादमी पंचकूला के उपाध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने महर्षि कश्यप कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
