भगवान वाल्मीकि के आदर्शों पर चलकर ही बनेगा समरस और सशक्त समाज : डॉ. अरविंद शर्मा

 

 
भगवान वाल्मीकि के आदर्शों पर चलकर ही बनेगा समरस और सशक्त समाज : डॉ. अरविंद शर्मा

कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने पत्नी डॉ. रीटा शर्मा के साथ गोहाना स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में की शिरकत

महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से पूरी मानवता को दिया सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

चंडीगढ़,

हरियाणा के सहकारिता, कारागार, पर्यटन, निर्वाचन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि के विचार और आदर्श किसी एक समाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपनी लेखनी से समाज को सत्य, धर्म, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा का जो संदेश दिया, वह हजारों वर्षों बाद भी उतना ही प्रासंगिक है। महर्षि वाल्मीकि ने समाज को सिखाया कि इंसान की पहचान उसके कर्म, विचार और आचरण से होती है। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही सामाजिक समरसता, भाईचारे और समानता पर आधारित सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा अपनी धर्मपत्नी डॉ. रीटा शर्मा के साथ गोहाना स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा उपस्थित समाज के लोगों को शुभकामनाएं दीं।                         

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक हैं। आदिकवि के रूप में उन्होंने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना कर भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन को जन-जन तक पहुंचाया। रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत संगम है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें सिखाता है कि ज्ञान, साधना और अच्छे कर्मों के माध्यम से व्यक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना सरकार का संकल्प

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार अंत्योदय की भावना के साथ काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। गरीब, वंचित, श्रमिक, किसान, महिला और युवाओं के उत्थान को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। महर्षि वाल्मीकि ने भी मानवता, समानता और सद्भाव का संदेश दिया था। आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को केवल आयोजनों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में उतारें।

महापुरुषों की शिक्षाओं से युवा पीढ़ी को जोड़ना जरूरी

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को देश के महान संतों, महापुरुषों और समाज सुधारकों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। महर्षि वाल्मीकि का जीवन ज्ञान, परिश्रम, आत्मचिंतन और सकारात्मक परिवर्तन का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, संस्कार और कौशल के माध्यम से अपने भविष्य को संवारते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी समृद्ध संस्कृति, सामाजिक एकता और विविधता में एकता की भावना है। हमारे संतों और महापुरुषों ने सदियों से समाज को जोड़ने का काम किया है। उनके विचारों को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।

समाज के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहेंगे : डॉ. शर्मा

कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि गोहाना की जनता से उनका रिश्ता केवल जनप्रतिनिधि का नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसा है। क्षेत्र के प्रत्येक समाज और वर्ग के लोगों का स्नेह तथा आशीर्वाद उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहना और उनकी समस्याओं का समाधान करवाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि गोहाना क्षेत्र के विकास, सामाजिक भाईचारे और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए अधिकारियों को भी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।