7 माह की गर्भवती महिला को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए अधिकारियों तक पहुंचाया मामला

 
7 माह की गर्भवती महिला को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए अधिकारियों तक पहुंचाया मामला

 

-हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सहारे का केंद्र बना सुकून : 1005 पीड़िताओं को काउंसलिंग, कानूनी और अन्य सहायता दिलाने में निभाई अहम भूमिका

-जिला नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर-24 में संचालित केंद्र में घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, मारपीट और शोषण से पीड़ित महिलाओं को मिल रही मदद; पुलिस, कानूनी व सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम

हिसार। 

हिंसा और शोषण का सामना कर रही महिलाओं के लिए जिला नागरिक अस्पताल स्थित सुकून केंद्र उम्मीद और सहारे का माध्यम बन रहा है। मार्च 2022 से सितंबर 2026 तक केंद्र में 1005 हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बच्चों की काउंसलिंग की जा चुकी है। पीड़ितों को उनकी जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय जांच, पुलिस में शिकायत, कानूनी सहायता और अन्य सरकारी सेवाओं से जोड़ने में केंद्र की ओर से सहयोग किया जा रहा है।

हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसर्च सेंटर की पहल और नेशनल हेल्थ मिशन योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला नागरिक अस्पताल हिसार के कमरा नंबर-24 में स्थापित सुकून केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जिला सुकून काउंसलर राहुल शर्मा के अनुसार, प्रधान चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल ऑफिसर सुकून केंद्र डॉ. रीना जैन के मार्गदर्शन में केंद्र लगातार हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बच्चों को सहायता उपलब्ध कराने का काम कर रहा है।

घरेलू हिंसा से लेकर यौन उत्पीड़न तक मामलों में मदद

सुकून केंद्र में छेड़छाड़, मारपीट, जबरदस्ती, यौन उत्पीड़न, शोषण और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं से परेशान महिलाएं सहायता के लिए पहुंचती हैं। यहां पीड़िताओं को सुरक्षित माहौल में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है। केंद्र की ओर से पीड़िताओं को आवश्यक चिकित्सकीय जांच की जानकारी, पुलिस में शिकायत की प्रक्रिया, उनके अधिकारों की जानकारी, नि:शुल्क कानूनी सहायता तथा जरूरत के अनुसार अन्य सरकारी सेवाओं और सहायता नेटवर्क से जोड़ा जाता है। काउंसलिंग के माध्यम से पीड़िताओं को मानसिक रूप से संभालने और आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक सहयोग देने का प्रयास किया जाता है।

महिला आयोग और न्यायिक अधिकारियों ने भी किया निरीक्षण

सुकून केंद्र के कार्यों का विभिन्न अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया गया है। जुलाई 2026 में महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन श्रीमती मीना परमार ने अपनी टीम के साथ केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं की सराहना की।

इसी माह एडीजे हिसार ने भी सुकून केंद्र का निरीक्षण कर वहां आए मामलों और पीड़ितों को उपलब्ध करवाई गई सेवाओं की जानकारी ली। केंद्र के कार्यों की सराहना की गई। इसके अलावा कई बार न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी केंद्र का निरीक्षण किया जा चुका है।

नशा मुक्ति के क्षेत्र में भी काम, मंत्री ने किया सम्मानित

सुकून काउंसलर राहुल शर्मा महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों के साथ-साथ नशा मुक्ति के क्षेत्र में भी जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। नशा मुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें हरियाणा सरकार के मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी द्वारा राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है।

स्कूल-कॉलेजों में पहुंचकर युवाओं को कर रहे जागरूक

सुकून काउंसलर का कार्य केवल अस्पताल स्थित केंद्र तक सीमित नहीं है। समय-समय पर स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाकर युवाओं और आमजन को महिला एवं बाल अपराध, नशे के दुष्प्रभाव और अपराध की रोकथाम को लेकर जागरूक किया जाता है।

जिला प्रशासन हिसार और हांसी के साथ मिलकर भी नशे के कारण बढ़ रहे महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता गतिविधियों में सहयोग किया जा रहा है। राहुल शर्मा के अनुसार, महिला और बाल अपराध केवल किसी एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए इसकी रोकथाम के लिए सामूहिक जागरूकता जरूरी है।

दो मामलों में ऐसे पहुंची पीड़िताओं तक मदद

हिसार के भारत नगर निवासी एक महिला, जो सात माह की गर्भवती थी, घरेलू हिंसा के कारण ससुराल में परेशान थी। महिला सहायता के लिए सुकून केंद्र पहुंची। यहां उसकी काउंसलिंग की गई। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए महिला थाना और महिला संरक्षण अधिकारी को पत्र लिखा गया। जब पीड़िता को अपेक्षित सहायता नहीं मिली तो मामले को आगे उच्च स्तर पर पहुंचाते हुए महिला आयोग हरियाणा और पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया, ताकि पीड़िता को उसके अधिकारों और उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी मिल सके और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, शादी के बजाय लिव-इन में रखा; गर्भवती होने पर बढ़ी परेशानी

हिसार जिले की 19 वर्षीय युवती की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट के जरिए एक युवक से दोस्ती हुई। बाद में युवक उसे शादी का भरोसा देकर घर से ले गया, लेकिन शादी करने के बजाय उसे लिव-इन में रखने लगा। युवती के गर्भवती होने के बाद युवक और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा उसे परेशान किए जाने की बात सामने आई। परेशान युवती सहायता के लिए सुकून केंद्र पहुंची। यहां उसकी काउंसलिंग की गई और उपचार में सहयोग किया गया। साथ ही उसे उपलब्ध कानूनी विकल्पों और उसके अधिकारों के बारे में जानकारी देकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग किया गया।

महिला के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है हिंसा का असर : सुकून काउंसलर राहुल शर्मा

सुकून काउंसलर राहुल शर्मा ने कहा कि हिंसा का असर केवल महिला के मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि उसके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। महिला अपराध समाज के लिए गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। इसे खत्म करने के लिए परिवार, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि हर महिला का जीवन और सम्मान मूल्यवान है। पीड़ित महिला को समय पर सही जानकारी, सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सहायता मिल जाए तो वह हिंसा के खिलाफ मजबूती से आगे बढ़ सकती है। इसी उद्देश्य से सुकून केंद्र लगातार काम कर रहा है।