सफाई संसाधनों की जांच को लेकर मानेसर-निगम में मचा हंगामा
गुरुग्राम: रविवार को गुरुग्राम जिले के मानेसर नगर निगम में सफाई संसाधनों और वाहनों की भौतिक जांच के दौरान जमकर बवाल हो गया। निजी सफाई एजेंसी के प्रतिनिधि गौरव जोशी ने पार्षदों के साथ बदसलूकी की। इस दौरान मौके पर नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर और मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव रहे।
जब पूजा कंसुलेशन एजेंसी के प्रतिनिधि गौरव जोशी से डॉ. मेयर इंद्रजीत यादव ने आरएफआईडी से संबंधित कोड और डॉक्यूमेंट्स और जानकारी मांगी तो उन्होंने इस सिस्टम को दिखाने से मना कर दिया। एजेंसी प्रतिनिधि के इस अड़ियल रवैये से नाराज पार्षदों ने मौके पर ही हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मेयर को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। लंबे वक्त से नगर निगम प्रशासन को सफाई व्यवस्था और कचरा उठाने वाले वाहनों में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी कड़ी में मेयर और ज्वाइंट कमिश्नर की मौजूदगी में वाहनों और ड्राइवरों की जांच रखी गई थी। जांच के दौरान नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं।
वाहनों के ड्राइवर के पास ना तो लाइसेंस मिले और ना वो वर्दी में मिले
मौके पर मौजूद कई कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस पाए गए और न ही वे निर्धारित वर्दी में थे। बिना वैध लाइसेंस के भारी वाहन चलवाना सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ है। इस लापरवाही पर जब अधिकारियों और पार्षदों ने सवाल उठाए, तो जवाब देने के बजाय पूजा कंसल्टेशन एजेंसी के प्रतिनिधि गौरव जोशी ने पार्षदों को ही सरेआम हड़काना और धमकी भरे लहजे में बात करना शुरू कर दिया।
करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप
एजेंसी प्रतिनिधि की इस गुंडागर्दी के बाद पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। हंगामा कर रहे पार्षदों ने सीधे तौर पर सफाई एजेंसी के संचालक और नगर निगम के अधिकारियों व कुछ जनप्रतिनिधियों के बीच सांठगांठ का संगीन आरोप लगाया। पार्षदों ने कहा कि इस मिलीभगत के कारण मानेसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कागजों पर गाड़ियां और कर्मचारी दिखाकर 60 प्रतिशत यानि चार करोड़ रुपए का भुगतान ले लिया गया है, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं दिख रहा।
वार्डों की सफाई के नाम केवल खानापूर्ति
वार्ड नंबर 19 के पार्षद रवि कुमार यादव ने आरोप लगाया कि जो वाहन चल रहे हैं, उनकी कंडिशन भी सही नहीं है। जिससे वार्डों सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर हमने अधिकारियों शिकायत की थी। जिसके बाद एजेंसी के संसाधनों की जांच की गई, लेकिन मौके पर हमें ही हड़काया जा रहा है। हम इस एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग कर रहे हैं।
तमाम पार्षदों ने कहा कि इस पूरी सफाई व्यवस्था और पूजा कंसल्टेशन एजेंसी के टेंडर की उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच कराई जाए। बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों और बदसलूकी करने वाले एजेंसी प्रतिनिधि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इस विवाद ने मानेसर नगर निगम के भीतर चल रहे कथित भ्रष्टाचार को सामने ला दिया है।
