धान घोटाले मामले में करनाल में बड़ा एक्शन, 5 इंस्पेक्टर हुए सस्पेंड

  Paddy scam: करनाल में बहुचर्चित धान घोटाले मामले में  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पैक्टर समीर वशिष्ठ समेत 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। विभागीय जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने और एफ. आई. आर. दर्ज होने के बाद यह कार्रवाई की गई। बर्खास्त अधिकारियों में तरावड़ी मंडी के सब-इंस्पैक्टर रामफल, निसिंग मंडी के इंस्पैक्टर लोकेश, घरौंडा मंडी के इंस्पैक्टर यशवीर सिंह, जुंडला मंडी के इंस्पैक्टर संदीप शर्मा तथा करनाल मंडी के इंस्पैक्टर समीर वशिष्ठ शामिल हैं।
 
 धान घोटाले मामले में करनाल में बड़ा एक्शन, 5 इंस्पेक्टर हुए सस्पेंड

 Paddy scam: करनाल में बहुचर्चित धान घोटाले मामले में  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पैक्टर समीर वशिष्ठ समेत 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। विभागीय जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने और एफ. आई. आर. दर्ज होने के बाद यह कार्रवाई की गई। बर्खास्त अधिकारियों में तरावड़ी मंडी के सब-इंस्पैक्टर रामफल, निसिंग मंडी के इंस्पैक्टर लोकेश, घरौंडा मंडी के इंस्पैक्टर यशवीर सिंह, जुंडला मंडी के इंस्पैक्टर संदीप शर्मा तथा करनाल मंडी के इंस्पैक्टर समीर वशिष्ठ शामिल हैं।

धान खरीद सीजन में खरीद और उठान प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी 

धान खरीद सीजन में खरीद और उठान प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी पायी गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि रिकार्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर है। आरोप है कि कागजों में धान की खरीद दिखाकर सरकारी भुगतान जारी कराया गया जबकि कई मामलों में वास्तविक स्टॉक मौजूद नहीं था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि धान उठान के फर्जी रिकार्ड तैयार किए गए। कुछ जगहों पर तो स्टॉक मंडियों में मौजूद मिला जबकि रिकार्ड में उसे उठाया हुआ दिखाया गया था। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई। विभागीय आयुक्त के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने मंडियों के रिकार्ड, स्टॉक रजिस्टर, गेट पास और ऑनलाइन डाटा की जांच की। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। 

भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा

विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार 'जीरो टोलरेंस' नीति के तहत कार्रवाई कर रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। सूत्रों अनुसार यह कार्रवाई केवल शुरूआत मानी जा रही है। जांच एजेंसियां अब राइस मिलर्स, आढ़तियों और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।