हरियाणा की बेटी मनीषा कौशिक का ISRO में हुआ चयन
जींद: जींद जिले के गंगोली गांव की रहने वाली मनीषा कौशिक ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO में रिसर्च ऑफिसर बनकर पूरे हरियाणा का नाम रौशन कर दिया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि उन्होंने किसी भी बड़ी कोचिंग में जाकर पढ़ाई नहीं की थी। अपनी मेहनत और सोशल मीडिया पर मिलने वाले पढ़ाई मेटिरियल के जरिए इस बड़े मुकाम को हासिल किया। मनीषा की इस बड़ी उपलब्धि से उनके ननिहाल कसूहन गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बेटी ने पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया।
कसूहन गांव की भांजी और सफीदों के गंगोली गांव की रहने वाली मनीषा कौशिक का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन Indian Space Research Organisation में रिसर्च ऑफिसर के पद पर हुआ है। आपको बता दें कि हरियाणा से इस पद पर चयनित होने वाली वो इकलौती उम्मीदवार हैं।
गांव की पंचायत आयोजित करेगी सम्मान समारोह
मनीषा बचपन से ही अपने ननिहाल कसूहन गांव में रहकर पढ़ाई करती रही है। जैसे ही इसरो में चयन की खबर गांव पहुंची, परिवार और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीण मनीषा के मामा के घर पहुंचे और परिवार को बधाई दी। गांव पंचायत ने भी जल्द सम्मान समारोह आयोजित करने की घोषणा की है।
रपंच प्रतिनिधि श्रीकांत ने बताया कि "मनीषा ने अपनी मेहनत के दम पर ये मुकाम हासिल किया है। हमारे गांव के लिए ये गर्व की बात है कि यहां की बेटी अब देश की सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थाओं में काम करेगी।" परिवार ने बताया कि मनीषा ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से एमएससी की पढ़ाई की है। उन्होंने जीआरएफ परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर 14वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने बिना किसी बड़ी कोचिंग के लगातार तैयारी जारी रखी और कई एग्जाम पास किए। परिजनों ने बताया कि मनीषा अब तक सात पेपर क्लियर कर चुकी थीं और इंटरव्यू भी पास कर चुकी थीं। उन्हें पहले से विश्वास था कि इस बार चयन जरूर होगा।
सुबह साढ़े 5 बजे उठकर करती थी पढ़ाई
ममेरी बहन खुशी ने बताया कि "मनीषा बेहद अनुशासित थीं। वो हर दिन सुबह साढ़े 5 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं। पढ़ाई के साथ घर के कामों में भी हाथ बंटाती थीं। परिवार के लोग जब भी उनके घर जाते, वो किताबों में जुटी मिलती थीं। मनीषा की सफलता से गांव की दूसरी लड़कियों को भी प्रेरणा मिली है। अब उन्हें लगता है कि मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।"
