हरियाणा होमगार्ड भर्ती घोटाला: कई अधिकारी और कर्मचारियों पर घूस लेने के आरोप 

Haryana Home Guard Recruitment Scam: हरियाणा होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में घोटाले का मामले सामने आया है। पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारियों पर पैसे लेकर भर्ती करने, भ्रष्टाचार और सरकार को गुमराह करने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर कथित लेन-देन के आधार पर अनुभवहीन लोगों को भर्ती किया। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
 
 हरियाणा होमगार्ड भर्ती घोटाला: कई अधिकारी और कर्मचारियों पर घूस लेने के आरोप 

Haryana Home Guard Recruitment Scam: हरियाणा होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में घोटाले का मामले सामने आया है। पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारियों पर पैसे लेकर भर्ती करने, भ्रष्टाचार और सरकार को गुमराह करने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर कथित लेन-देन के आधार पर अनुभवहीन लोगों को भर्ती किया। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

नौकरी के नाम पर लिए पैसे

आरोप है कि होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता नहीं बरती गई। कई बड़े अधिकारियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से पैसे लिए गए। शिकायतकर्ताओं के अनुसार विभागीय अधिकारियों ने पूरे मामले को दबाने के लिए सरकार को गलत और भ्रामक रिपोर्ट भेजी। शिकायत में कहा कि जिन लोगों से कथित रूप से पैसे लिए, उन्हें न तो राशि लौटाई गई और न ही मामले में कोई उचित कार्रवाई की गई।

अनुभवहीन लोगों को प्राथमिकता

शिकायतकर्ताओं ने दावा करते हुए कहा है कि उनके पास कथित भ्रष्टाचार और लेन देन से जुड़ी ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को सौंपा है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में योग्य उम्मीदवारों की बजाय अनुभवहीन लोगों को प्राथमिकता दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया शक के घेरे में आ गई है। मामले में आरटीआई कानून का भी जिक्र किया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में विभागीय अधिकारियों ने गलत और भ्रामक सूचनाएं देकर वास्तविक तथ्यों को छिपाने छपाने की की कोशिश की।

अब इस मामले स्वतंत्र एजेंसी एसीबी से जांच की मांग उठाई गई है। शुरुआती जांच में एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 8 और 13 (1) (डी) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।