हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग का बड़ा अभियान
हिसार: हरियाणा में एक बार फिर लिंगानुपात में बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला है। लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या कम आंकी गई है जिसको लेकर प्रदेश सरकार सख्ते में आ गई है। इसा कड़ी में भारत सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत हिसार में सीएचसी सीसवाल क्षेत्र के 45 गांवों में कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, मलेरिया-डेंगू नियंत्रण और टीबी जागरूकता को लेकर विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पंचायत प्रतिनिधियों, धार्मिक नेताओं और ग्रामीणों के सहयोग से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगी।
इस अभियान की रूपरेखा तैयार करने के लिए सीएचसी सीसवाल में प्रभारी एवं कार्यकारी एसएमओ डॉ. विकास चहल तथा हेल्थ इंस्पेक्टर नूर मोहम्मद की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्लॉक आशा कोऑर्डिनेटर मोहनलाल, एमपीएचडब्ल्यू विनोद, प्रियंका सहित सभी आशा कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। बैठक के दौरान डॉ. विकास चहल ने कहा कि जिन गांवों का लिंगानुपात कम है, वहां विशेष जागरूकता बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। वहीं हेल्थ इंस्पेक्टर नूर मोहम्मद ने कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गैर-पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाने वालों के लिए 2 से 5 साल की सजा और तीन लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
बैठक में मलेरिया, डेंगू और टीबी रोकथाम को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। स्वास्थ्य कर्मचारियों को घर-घर जाकर फीवर सर्वे, सोर्स रिडक्शन और टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोगों की सैंपलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर फार्मेसी ऑफिसर देवी प्रसन्न, स्टेनो प्रीतम सिंह, नेत्र अधिकारी रविंद्र धोस्सीवाल और लेखाकार बलिंद्र सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
