हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों के विदेश दौरे पर लगी रोक
चंडीगढ़: मध्य एशिया पूर्व में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी खर्चों में कटौती की अपील की थी। अब इस अपील का साफ असर हरियाणा में देखने को मिल रहा है। हरियाणा सरकार ने बेवजह के खर्चों पर लगाम लगाने के लिए कई बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं।
इसी कड़ी में नायब सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश दौरों पर आंशिक रोक लगा दी है। यही कारण है कि मंत्रियों के पास विदेश दौरे संबंधी आने वाली फाइलों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। सूत्रों की माने तो इस संबंध में सरकार की ओर से विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जा रही है। गाइडलाइन लागू होने के बाद केवल अत्यंत आवश्यक और विशेष परिस्थितियों में ही विदेश यात्रा की अनुमति दी जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सिलसिले में जापान जाना था लेकिन सरकार की नई मितव्ययिता नीति के चलते यह दौरा रद्द कर दिया गया। इसकी पुष्टि खुद हरियाणा मंत्री विपुल गोयल ने की है।
खबर है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के कुछ अन्य लोगों ने भी विदेश यात्रा के लिए आवेदन किया था, लेकिन मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इसे मंजूरी नहीं दी। श्रम एवं ऊर्जा मंत्री अनिल विज के विभाग में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने निजी खर्च पर विदेश जाने की अनुमति मांगी थी लेकिन विभागीय स्तर पर उन्हें भी मंजूरी नहीं दी गई। अब मुख्य सचिव की ओर से गाइड लाइन आने के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
