हरियाणा के हालात खराब और सीएम नायब सरकारी फंड से प्राइवेट हेलीकॉप्टर पर पंजाब घूमने में मस्त - दुष्यंत चौटाला

 
हरियाणा के हालात खराब और सीएम नायब सरकारी फंड से प्राइवेट हेलीकॉप्टर पर पंजाब घूमने में मस्त - दुष्यंत चौटाला

चंडीगढ़ - हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि आज भाजपा सरकार की नाकामियों की वजह से प्रदेश के किसान प्रताड़ित हो रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा न तो समय पर फसल खरीद की व्यवस्था की गई और न ही फसल खराबे पर किसानों की राहत के लिए कोई कदम उठाए जा रहे है। दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा फसल खरीद के दिए आंकड़ों को दोहराते हुए भाजपा सरकार को घेरा और कहा कि सीएम को ये भी पता नहीं है कि खरीद, उठान, भुगतान प्रक्रिया कैसे चल रही है? वे शुक्रवार को पंचकूला में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश की मंडियों में 17 लाख 37 हजार मीट्रिक गेहूं की आवक में से तीन लाख 92 हजार मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई है और इसके लिए अब तक 13 करोड़ रुपए ही किसानों को भुगतान के तौर पर दिए गए है। दुष्यंत चौटाला ने आगे कहा कि अगर तीन लाख 92 हजार मीट्रिक टन गेहूं के कुल भुगतान के पैसे की बात करें तो यह 1030 करोड़ रुपए बनते है, यानी कि सरकार अभी तक एक प्रतिशत से भी कम किसानों का भुगतान कर पाई है। उन्होंने कहा कि ये दर्शाता है कि अभी तक तो सरकार मंडियों में बायोमेट्रिक, बारदाना की भी व्यवस्था नहीं कर पाई है, उठान और भुगतान तो दूर की बात है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री द्वारा ये कहना कि बेमौसमी बरसात के चलते मुआवजा के लिए चार जिलों में आदेश दिए गए है, ये दर्शाता है कि सरकार किसानों को मुआवजा देने में भेदभाव करने की सोच रखती है और सीएम का पूरे प्रदेश पर ध्यान नहीं है। दुष्यंत ने कहा कि बेमौसमी बरसात से लगभग पूरे हरियाणा में सरसों और गेहूं की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी में ओलावृष्टि तथा हिसार, हांसी, यमुनानगर, पंचकुला, अंबाला आदि जिलों में भारी बरसात होने से फसल खराबा हुआ है। साथ ही दुष्यंत चौटाला ने हैरानी जताते हुए कहा कि अभी तक सरकार ने लस्टर लॉस की भरपाई के लिए भी केंद्र से आग्रह ही नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को खरीद प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए और किसानों राहत पहुंचानी चाहिए।

हरियाणा में एक के बाद एक प्राइवेट बैंकों के जरिए सैकड़ों करोड़ों रुपए के सरकारी फंड के गबन करने के मामलों पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राजनीतिक संरक्षण के बिना इतने बड़े-बड़े घोटाले संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सीएम भी ये कहते है कि पैसा वापस आ जाएगा, लेकिन ये नहीं कहते कि जिन्होंने घोटाला किया वे सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कहा कि जेजेपी ने 24 फरवरी को देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग उठाई थी, लेकिन हैरानी की बात है कि 25 मार्च तक सीएम ने सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले चोरों को बचाने का काम किया और  राज्य सतर्कता ब्यूरो ही जांच करता रहा। दुष्यंत चौटाला ने मांग करते हुए कहा कि इस गंभीर मामले को लेकर सीएम स्पष्टीकरण दें कि क्या इस मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारी शामिल है ? उन्होंने कहा कि चर्चा में सामने आ रहा है कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता इस घोटाले में शामिल है। अभी तक की जांच में कितनी रिकवरी हुई है और ये पैसा गलत तरीके से कहां-कहां प्रयोग हो रहा था, उसका पूरा ब्यौरा सरकार को जनता के समक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि घोटाले से जुड़े अन्य विभागों, बोर्डों की भी जांच होनी चाहिए और जांच के लिए गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को शामिल करना चाहिए। एक सवाल के जवाब में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पहले एफडी का फंड कोऑपरेटिव बैंक व सरकारी बैंकों में रखा जाता था, लेकिन अब छोटे-छोटे बैंकों में कैसे फंड जमा हुआ ? इस सवाल का जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम बताएं कि हरियाणा में ये घोटाला क्यूं हुआ ? सीएम के विभाग में गड़बड़ी हुई है, नैतिकता के आधार पर उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा के इतने खराब हालात होने के बावजूद सूबे के मुख्यमंत्री नायब सैनी पंजाब घूमने में मस्त है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट हेलीकॉप्टर से सीएम सुबह हरियाणा और शाम को पंजाब में होते हैं। दुष्यंत ने ये भी कहा कि हरियाणा के 100-100 करोड़ रुपए के दो सरकारी हेलीकॉप्टर पिंजौर में खराब खड़े है और सीएम सरकारी हेलीकॉप्टर को सही करवाने की बजाय प्राइवेट हेलीकॉप्टर की सवारी करके सरकारी फंड खर्च करने में लगे हुए है। एसवाईएल के विषय पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पिछले छह महीने में तीन महीने पंजाब में व्यस्त रहने वाले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी एसवाईएल के मुद्दे पर चुप क्यों है? दुष्यंत ने कहा कि  भाजपा एसवाईएल पर  केवल  खानापूर्ति ही कर रही है, सीएम को एसवाईएल पर अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।

कांग्रेस विधायक रामकरण काला के एक बयान पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हम अपने जेजेपी संगठन को निरंतर मजबूत करने का प्रयास करते आ रहे हैं। इस बीच बहुत से लोग संगठन को तोड़ने का बार-बार प्रयास भी करते रहे है, लेकिन हमने साढ़े चार साल तक दस के दस विधायकों को साथ रखने का काम किया था जबकि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने विधायकों को शिमला ले जाने के बाद भी 9 सदस्यों के वोट खराब करवा दिए थे। इस अवसर पर वरिष्ठ जेजेपी नेता प्रो रणधीर चीका, देवेंद्र कादियान, ओपी सिहाग, धर्मवीर सिहाग आदि मौजूद रहे।