शिक्षक तो अनमोल है…

 
शिक्षक तो अनमोल है…

 

नूर तिमिर को जो करें, बाँटें सच्चा ज्ञान।

माटी को जीवंत करें, गुरुवर हैं भगवान।।

भरें प्रतिभा, योग्यता, बुनें सभ्य समाज।

समदृष्टि, सद्भाव भरें, पूजनीय ऋषिराज।।

जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान।

गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान।।

धैर्य और विवेक भरें, करते दुर्गुण दूर।

तप-बल से निर्मित करें, सौरभ निर्भय शूर।।

नानक, गौतम, द्रोण संग, कौटिल्य, संदीप।

अपने-अपने दौर के, मानवता के दीप।।

चाहत को पर दे यही, स्वप्न करे साकार।

शिक्षक अपने ज्ञान से, जीवन देत निखार।।

शिक्षक तो अनमोल है, इसको कम न तोल।

मीठे हैं परिणाम बहुत, कड़वे इसके बोल।।

गागर में सागर भरें, बिखराएँ मुस्कान।

सौरभ जिसे गुरु मिले, ईश्वर का वरदान।।

— डॉ. प्रियंका सौरभ