आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) 2.0 के अंतर्गत हमारे शहर न सिर्फ कचरा मुक्त (Garbage Free) और जल संपन्न (Water Plus) बनने की ओर अग्रसर हैं, बल्कि स्वच्छता की दिशा में निरंतर नए प्रयासों से सभी को प्रेरित भी कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली में भी स्वच्छता से जुड़े अभिनव प्रयासों से दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। शहरी स्वच्छता को समर्पित इन निकायों ने मिशन के लक्ष्यों को वास्तविक स्वरूप देने के लिए एक बहुत ही असरदार तरीका अपनाया है, जिसे ‘सैनिटेशन स्क्वॉड’ यानी ‘स्वच्छता दस्ता’ का नाम दिया गया है। ये स्वच्छता दस्ते वास्तव में देश की राजधानी में साफ-सफाई व्यवस्थाओं के सजग प्रहरी बनकर उभर रहे हैं।
क्या हैं ये स्वच्छता दस्ते? : सैनिटेशन स्क्वॉड सफाई की पुरानी व्यवस्था से एक कदम आगे की सोच है। ये केवल सफाईमित्रों की टीम नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता के नियमों को सख्ती से लागू कराने वाले अधिकारियों (Enforcement Officers) सहित लोगों को जागरूक करने वाले दूतों की एक टीम हैं। इस टीम का मुख्य काम सार्वजनिक जगहों पर गश्त करना, गैर-कानूनी तरीके से कूड़ा फेंकने वालों का तुरंत चालान काटना और आम जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। हालांकि जहां कहीं, स्वच्छता लक्षित इकाइयां (CTUs) या कोई नया ऐसा स्पॉट दिखाई देता है, जहां खुले में कचरा डंपिंग हो रही है, वहां त्वरित स्वच्छता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी भी ये स्वच्छता दस्ते उठा रहे हैं।
स्वच्छता के लिए NDMC का स्मार्ट मॉडल : NDMC को देश के सबसे साफ शहरी निकायों में गिना जाता है। वायु प्रदूषण कम करने और शहर में साफ-सफाई का उच्च स्तर बनाए रखने के लिए NDMC ने 3 सैनिटेशन स्क्वॉड्स बनाकर तैनात किए हैं। ये स्वच्छता दस्ते NDMC के तीनों जोन और उसके तहत आने वाले सभी 14 सैनिटेशन सर्कल्स को पूरी तरह से कवर करते हैं। ये खास दस्ते मुख्य स्वच्छता निरीक्षक (CSI) की देखरेख में काम करते हैं और उन संवेदनशील जगहों पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं जहां कचरे की समस्या लगातार बनी रहती है।
यह सैनिटेशन स्क्वॉड्स ऐसी संवेदनशील जगहों पर कभी अचानक, तो कभी पूर्व निर्धारित समय के अनुसार भी निरीक्षण करते हैं। साथ ही, ये स्वच्छता दस्ते कूड़ा फैलाने, कचरा अलग न करने और गलत तरीके से कूड़ा डालने पर नए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों (New SWM Rules) के तहत तुरंत मौके पर ही चालान या जुर्माना लगाते हैं। फील्ड के काम पर लगाए गए हर सैनिटेशन स्क्वॉड वाहन में एक खास किट होती है, जिसमें नगर पालिका परिषद सहायकों के लिए जरूरी सफाई उपकरणों के साथ-साथ व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट, जैसे चमकने वाली जैकेट, दस्ताने, मास्क और टोपी शामिल हैं। नागरिकों की आदतों में बदलाव लाने और उन्हें सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) के माध्यम से जागरूक करने के मकसद से इन गाड़ियों में बिना तार वाला पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, स्वच्छता के बैनर और पोस्टर भी लगाए जाते हैं।
MCD ने अपनाया सभी विभागों का सहयोग : दिल्ली के बहुत बड़े और घनी आबादी वाले इलाके में सफाई सुनिश्चित करने के लिए MCD ने भी अपने सभी जोन में खास सैनिटेशन स्क्वॉड्स बनाए हैं। ये स्वच्छता दस्ते मुख्य सड़कों, बाजारों, सरकारी संस्थानों, नालों, ट्रांसपोर्ट के प्रमुख रास्तों और बहुत ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर बड़े स्तर पर सफाई अभियान चला रहे हैं। MCD ने यह समझते हुए कि कई बड़ी सार्वजनिक जगहें, वहां की सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं अलग-अलग एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, एक अनोखा संपूर्ण सरकारी सहयोग (Whole-of-Government) का तरीका अपनाया है, जिसमें सभी सरकारी विभाग मिलकर काम करते हैं।
MCD ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार (GNCTD) की सहयोगी एजेंसियों जैसे लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC), सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (I&FC), दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB), स्वास्थ्य विभाग और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) के साथ मिलकर संयुक्त स्वच्छता अभियान चलाए हैं।
MCD ने नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच चलाए गए इन अभियानों में 11,996 सफाईमित्रों की बड़ी टीम को काम पर लगाया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि दिल्ली भर की प्रमुख जगहों से लगभग 2,274 मीट्रिक टन कचरा और पुराना जमा कूड़ा (Legacy Waste) हटाया गया। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए इन दस्तों ने कर्मचारियों के साथ-साथ सड़क साफ करने वाली मशीनों, पानी छिड़कने वाली गाड़ियों, एंटी-स्मॉग गन्स और जेटिंग मशीनों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया है। इसके अलावा, सड़कों, फुटपाथों, सर्विस लेन और ग्रीन बेल्ट की अच्छी तरह से सफाई के साथ-साथ उन कचरा संभावित स्थलों (GVPs) को भी पूरी तरह से साफ किया गया, जहां अक्सर कूड़ा जमा रहता था। पानी का भराव रोकने के लिए नालों से गाद निकालने और पानी वाली जगहों के आसपास की सफाई पर भी खास ध्यान दिया गया।
MCD और NDMC की ये सैनिटेशन स्क्वॉड्स असल मायने में स्वच्छता की सजग प्रहरी हैं। जब स्वच्छता की दिशा में नए परिवर्तन लाने की सोच, नई तकनीक और अलग-अलग एजेंसियों एवं सरकारी विभागों का तालमेल एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से बदलाव आता है, ये दस्ते खुद इसका जीवंत उदाहरण हैं। ऐसे ही तमाम नए-नए अभिनव प्रयासों के माध्यम से हमारे शहर निरंतर सतत विकास के लक्ष्यों की ओर बढ़ते हुए विकसित भारत की दिशा में तेजी से प्रभावी कदम बढ़ा रहे हैं।
