कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में चलाए विशेष जागरूकता अभियान
वे शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक डॉ दर्शना सिंह ने सभी स्कीम की एक एक कर पीपीटी के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट अतिरिक्त उपायुक्त के समक्ष रखी।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान स्कीम की समीक्षा के दौरान एडीसी ने निर्देश दिए कि जिला के कम लिंगानुपात वाले गांव / एरिया को चिन्हित करते हुए वहां पर विशेष अभियान चलाकर जागरूक करें। उन्होंने कहा लिंग जांच एक कानूनन अपराध है। कोई भी इसके अंदर संलिप्त पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि कक्षावार ड्राप आउट बच्चों की पहचान करें और यदि कोई बच्चा बीच में स्कूल छोड़ता है तो उसके घर जाकर परिजनों को छोड़ने का कारण जाने व उनको जागरूक कर दोबारा से स्कूल में दाखिले करवाने का काम करें। उन्होंने कहा कि जहां पर भी बाल मजदूरी की शिकायत मिलती है या पता चलता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाए।
विभाग की ओर से जानकारी दी गई जिला में 198 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल चल रहे हैं। इसी प्रकार निजी प्ले स्कूलों के 40 प्ले स्कूलों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिए जा चुके है। ऐसे 73 प्ले स्कूलों को नोटिस दिया गया है कि जब तक रजिस्ट्रेशन नहीं होता है तब तक वे दाखिला न करें। इसी प्रकार अतिरिक्त उपायुक्त ने पीएमएमवीवाई, पोषण, वन स्टॉप सेंटर, आंगनवाडी इंफ्रास्ट्रक्चर आदि की भी समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए गए 8वें पोषण पखवाड़े बारे भी जानकारी दी गई। इस दौरान पोषण माह से संबंधित पोस्टर भी लांच किया गया। पोषण पखवाड़े के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। यह पखवाड़ा 23 अप्रैल तक चलाया जाएगा। पखवाड़े के दौरान माता व बच्चों के पोषण का ध्यान रखना, बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास, खेल-खेल में पढ़ाई, माता पिता की भागीदारी, मोबाइल का कम प्रयोग आदि गतिविधियों के लिए जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर डीएसपी संजीव कुमार, संदीप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साईं, डीसीपीओ डा. गुरप्रीत कौर, संरक्षण अधिकारी डा. अंजना, बाल कल्याण समिति चेयरमैन डा. मदन लाल, सदस्य भावना शर्मा, निधि मेहता आदि उपस्थित थे।
