सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान और आस्था का प्रतीक : विधायक रणधीर पनिहार
हिसार, 11 मई। भारत की सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान को समर्पित जिला स्तरीय सोमनाथ स्वाभिमान महोत्सव सोमवार को श्री शिव मंदिर सीसवाल धाम परिसर में श्रद्धा, उत्साह एवं भव्यता के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नलवा विधायक रणधीर पनिहार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। महोत्सव के दौरान सोमनाथ मंदिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अरुणाय धाम पेहवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम का भी वर्चुअल माध्यम से प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण, पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इसके उपरांत महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोषों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके साथ ही सैंकड़ों महिलाओं द्वारा कलश यात्रा के साथ धार्मिक माहौल में मंदिर परिसर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।

अपने संबोधन में विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, अटूट आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक बार मंदिर को ध्वस्त करने के प्रयास किए गए, लेकिन भारतीय समाज की श्रद्धा, त्याग और समर्पण ने हर बार इसे पुन: स्थापित किया। यह भारत की सनातन संस्कृति की जीवंत शक्ति और समाज की एकजुटता का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 भारतीय इतिहास और संस्कृति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष है, क्योंकि इस वर्ष सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष तथा स्वतंत्र भारत में मंदिर के पुनर्निर्माण एवं उद्घाटन के 75 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इस अवसर को देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विधायक पनिहार ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत विश्व में सबसे समृद्ध विरासतों में से एक है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करते हैं।
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक धरोहरों और प्राचीन परंपराओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। आज भारत विश्व स्तर पर अपनी आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों के कारण विशेष पहचान बना रहा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुडऩा चाहिए, ताकि आने वाली पीढिय़ां भी भारतीय संस्कृति की महानता को समझ सकें।
महोत्सव के दौरान सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से सोमनाथ मंदिर और देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में श्रद्धालुओं एवं आमजन ने विशेष रुचि दिखाई और जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में संत-महात्माओं ने अपने प्रवचनों में भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिक चेतना की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा विश्व को शांति, भाईचारे और मानवता का संदेश देती है। महोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं हेतु प्रसाद वितरण एवं भंडारे का सुव्यवस्थित आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने प्रसाद ग्रहण किया।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने जिला प्रशासन, संत समाज, आयोजन समिति एवं सभी श्रद्धालुओं को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को भी मजबूत करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान संत महात्माओं और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों को सम्मानित किया गया। महोत्सव के दौरान उच्च कोटी के कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुतियां दी गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, श्री शिव मंदिर सीसवाल धाम प्रधान घीसा राम जैन, रोहताश, तरसेम गोयल, हनुमान, सुभाष, रोहतास सैनी, डॉ शेरसिंह सैनी, अजीत सिंह, सरपंच पालेराम, बलवंत जौहर, रामचन्द्र, धारा राम सैनी, रामनिवास सैनी, समीर सैनी, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
