सफाई कर्मियों की जायज मांगों को पूरा करे सरकार : विक्रम कादयान
आज प्रदेश के हर वर्ग में असंतोष व्याप्त है। किसी भी कर्मचारी, मजदूर और कम वेतन पाने वाले व्यक्ति की आजीविका सुरक्षित नहीं है। सफाई कर्मियों के साथ भी सरकार उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है। जिस हरियाणा को कभी प्राकृतिक सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण के लिए जाना जाता था, आज वह जगह-जगह कूड़े के ढेरों की समस्या से जूझ रहा है।
यह बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विक्रम कादयान ने सफाई कर्मियों की जायज मांगों का समर्थन करते हुए कही।
विक्रम कादयान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को दो वर्ष के भीतर नियमित करने की ठोस नीति बनाई गई है, जबकि हरियाणा सरकार कर्मचारियों और सफाई कर्मियों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में कर्मचारियों के हित सुरक्षित थे और हरियाणा विकास के अनेक क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल था।
उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार के कार्यकाल में हर क्षेत्र में नंबर वन रहने वाला हरियाणा आज गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। प्रदेश पर लगभग 5 लाख 53 हजार करोड़ रुपये का कर्ज होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति इतनी चिंताजनक हो गई है कि पुराने कर्ज की अदायगी के लिए भी नया कर्ज उठाना पड़ रहा है।
विक्रम कादयान ने आरोप लगाया कि सरकार के अनेक विभागों को ठेके और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में इतिहास विभाग सहित कई विभागों में फैकल्टी की कमी के कारण शैक्षणिक और शोध कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की अपेक्षा लोग निजी अकादमियों और संस्थानों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बेरोजगारी की मार से पीड़ित युवा शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसरों से वंचित हो रहे हैं। इससे प्रदेश में सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं तथा नशाखोरी और अपराध का ग्राफ भी चिंता का विषय बनता जा रहा है।
विक्रम कादयान ने कहा कि नई शिक्षा नीति की व्यापक समीक्षा समय की जरूरत है, ताकि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य मिल सके।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार सफाई कर्मियों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। सफाईकर्मी वास्तव में पर्यावरण और स्वच्छता के असली पहरेदार हैं। उनके बिना स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
विक्रम कादयान ने सरकार से मांग की कि सफाई कर्मियों को जल्द से जल्द नियमित किया जाए और उनकी सभी जायज मांगों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सम्मान और सुरक्षित भविष्य देकर ही प्रदेश में स्वच्छता का बेहतर वातावरण स्थापित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा को अपने स्थापना दिवस और भविष्य के विकास का उत्सव तभी सही मायनों में मनाना चाहिए, जब कर्मचारी, सफाईकर्मी और समाज का हर वर्ग खुशहाल, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा हो।
