प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए की जाए नियमित रूप से छापेमारी-उपायुक्त सचिन गुप्ता

 
 प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए की जाए नियमित रूप से छापेमारी-उपायुक्त सचिन गुप्ता

रोहतक,13 अप्रैल: उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर पर निरंतर रेड की जाए। जिला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गत दिनों औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा 120 मेडिकल स्टोर की जांच की गई, जिनमें से अनियमितता मिलने पर 20 स्टोर के लाइसेंस निलंबित किए गए है तथा 13 मेडिकल स्टोर को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नशे की आपूर्ति, तस्करी और सेवन के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रहा है।


सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ एन-कोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सचिन गुप्ता ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा तथा प्रतिबंधित दवाएं बिक्री करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित, सांपला के उपमंडलाधीश अंकिता पंवार, रोहतक के उपमंडलाधीश आशीष कुमार, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, जिला न्यायवादी सुरेंद्र पाहवा व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि  गत 1 जनवरी 2025 से 12 अप्रैल 2025 तक की अवधि में जहां 30 एनडीपीएस मामले दर्ज हुए और 57 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई, वहीं 1 जनवरी 2026 से 12 अप्रैल 2026 के दौरान 32 मामले दर्ज किए गए तथा 63 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2025 की समान अवधि में एनडीपीएस एक्ट के तहत कमर्शियल के 6 मामले दर्ज किए गए थे तथा 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि वर्ष 2026 में इस अवधि के दौरान अब तक 9 मामले दर्ज किए जा चुके हैं तथा 17 व्यक्तियों की गिरफ्तारियां हुई हैं।


सचिन गुप्ता ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत नशा तस्करों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिला में इसके तहत 44 संपत्ति कुर्की प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी को भेजे गए, जिनमें से सभी प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। इसके तहत लगभग 6 करोड़ 78 लाख 88 हजार 204 रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है। वर्ष 2026 के दौरान धारा 68-एफ के तहत 7 प्रस्ताव भेजे गए, जिनमें से 6 को स्वीकृति मिली है और करीब 26 लाख 70 हजार 180 रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई है। एक मामला अभी प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि गत मार्च माह के दौरान 27.24 ग्राम हेरोइन, 17 किलो 149 ग्राम चरस, 501.16 ग्राम अफीम व 102.390 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामद किया गया है।  


उपायुक्त सचिन गुप्ता ने मंडलाधीशों से आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बैठक बारे जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नियमित अंतराल पर ऐसी बैठके आयोजित करें। उन्होंने जिला में नशीले पदार्थों के मुख्य सप्लायरों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  उन्होंने रेडक्रास सोसायटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सोसायटी के बंद नशा मुक्ति केंद्र को दोबारा शुरू करवाए। उन्होंने जिला न्यायवादी से कहा कि वे गंभीर अपराधों के मामलों पर फोकस करें तथा चिन्ह्ति अपराध के मामलों की पैरवी भी सही तरीके से करें।


सचिन गुप्ता ने कहा कि प्रशासन का फोकस केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त कर अपराध की जड़ पर प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भी नशा तस्करों, सप्लायरों और नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि नशा मुक्त रोहतक के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। बैठक में मनोचिकित्सक डॉ. विनिता, जिला समाज कल्याण अधिकारी महाबीर गोदारा, एफएसओ उत्कर्ष, डीसीओ विनय, जिला रेडक्रॉस समिति से रविदत्त, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से दीपक अरोड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।