एमडीयू कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत की त्वरित कार्रवाई: विद्यार्थियों और शिक्षकों की समस्या को जायज मान तत्काल प्रभाव से किया समाधान
रोहतक, 9 अप्रैल 2026:
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) के सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज विभाग में पिछले एक माह से चल रहा प्रशासनिक गतिरोध आज छात्र नेता और 'एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स' (ए.एस.ए.पी.) के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ के सफल नेतृत्व और विश्वविद्यालय प्रशासन की संवेदनशीलता के कारण समाप्त हो गया। कल हुए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन द्वारा की गई नियुक्ति में आई तकनीकी खामियों को आज कुलसचिव (रजिस्ट्रार) डॉ. कृष्णकांत ने त्वरित संज्ञान लेते हुए दूर कर दिया।
उल्लेखनीय है कि कल के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने एक अस्थाई लिपिक की नियुक्ति की थी, लेकिन उस कर्मचारी को न तो प्रशासनिक अनुभव था और न ही विशेष शिक्षा (स्पेशल एजुकेशन) में अनिवार्य 'साइन लैंग्वेज' की समझ थी। इस कारण मूक-बधिर विद्यार्थियों और विभाग के कार्यों में बाधा आ रही थी। इसी गंभीर विषय को लेकर आज दीपक धनखड़ के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थियों और अध्यापकों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत से मिला।
मुलाकात के दौरान जैसे ही यह मामला कुलसचिव के संज्ञान में आया, उन्होंने विद्यार्थियों की पीड़ा और विभाग की विशेष आवश्यकताओं को गंभीरता से समझा। डॉ. कृष्णकांत ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर एक ऐसे अनुभवी लिपिक की नियुक्ति सुनिश्चित की, जो विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों की विशेष भाषा को समझने में सक्षम हो। उनके इस त्वरित निर्णय से पिछले एक महीने से अधर में लटके छात्रों के रोल नंबर और शिक्षकों के वेतन संबंधी कार्यों का रास्ता साफ हो गया।
समाधान के पश्चात दीपक धनखड़ और सभी विद्यार्थियों ने कुलसचिव कार्यालय में उनका आभार व्यक्त किया। दीपक धनखड़ ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, "हम प्रशासन के इस सकारात्मक और छात्र-हितैषी रवैये की सराहना करते हैं। विश्वविद्यालय एक परिवार की तरह होता है, और जब प्रशासन विद्यार्थियों की जायज मांगों को सुनकर इस तरह त्वरित समाधान करता है, तो संस्थान के प्रति विश्वास और सुदृढ़ होता है। डॉ. कृष्णकांत जी ने जिस संवेदनशीलता के साथ हमारी बात सुनी, वह अन्य अधिकारियों के लिए भी एक प्रेरणा है।"
उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य में भी इसी प्रकार की सक्रियता दिखानी चाहिए ताकि किसी भी छात्र को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए सड़कों पर न उतरना पड़े। यदि प्रशासन और छात्र संगठन इसी तरह समन्वय के साथ कार्य करें, तो एमडीयू शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
इस अवसर पर विभाग के भारी संख्या में छात्र शिक्षक जिनमें रजनी, अनुजा, स्वाति, रूपेश, मनीषा रानी, नवीन सांगवान ,हिमानी, नीधि, सुरजीत, मुस्कान, नीरू, मेचु, शिल्पा, ज्योति, प्रीति, रितिका, बबिता, योगिता, सोनिया, पलक, स्नेहा, सिमरन, दीक्षा, काजल, अलीशा, सचिन, हरीश, सुमित कुमार, दीपा, तन्नू, आकांशा, जीवन, कीर्ति, अक्षय, विजय, गौरव, रामु आदि उपस्थित रहे।
