1 अप्रैल से आपकी जेब होगी ढीली! इन चीजों के बढ़ेंगे दाम
जानें किन उत्पादों पर कितना पड़ेगा असर?
कंपनियों के मुताबिक इनपुट लागत में भारी बढ़ोतरी के कारण प्लास्टिक, रेजिन और पॉलिमर जैसी सामग्रियों की कीमतों में 20-25% की भारी तेजी आई है। माल ढुलाई की दरों में 10% तक की वृद्धि हुई है, वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया 2% कमजोर होने से आयात और महंगा हो गया है। ईरान संकट के कारण कंपनियां अब केवल 7 से 15 दिनों की स्टॉक योजना पर काम कर पा रही हैं। सप्लायर लंबी अवधि के अनुबंध (Contracts) करने से कतरा रहे हैं।
इन कारों की कीमतों में होगी बढ़ोतरी
लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज और ऑडी ने पहले ही 2% की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। गोदरेज एंटरप्राइजेज और हायर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, कच्चे माल की कीमतों में लगातार अस्थिरता के कारण अब बोझ ग्राहकों पर डालना मजबूरी बन गया है।
कुछ कंपनियां तो 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure) जैसे विशेष प्रावधानों का सहारा ले रही हैं ताकि आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महंगाई के कारण सरकार द्वारा दी गई GST राहत का लाभ भी लगभग समाप्त हो सकता है।
