स्वयं-गणना में सक्रिय भूमिका निभाएं अधिकारी -कर्मचारी : डीसी
Apr 13, 2026, 23:56 IST
झज्जर, 13 अप्रैल। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण को सफल बनाने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जनगणना अभियान (एचआईओ) का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।
डीसी पाटिल ने बताया कि इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्वयं-गणना ( Self Enumeration ) की सुविधा ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा नागरिकों को डिजिटल माध्यम से अपने विवरण स्वयं दर्ज करने का अवसर देती है, जिससे जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी बनती है।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों की स्वयं-गणना निर्धारित अवधि में अनिवार्य रूप से पूर्ण करवाएं। साथ ही प्रत्येक कर्मचारी की 11 अंकों की एसई आईडी सहित प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
डीसी ने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी आमजन के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी और इससे जनगणना अभियान की सफलता सुनिश्चित होगी। उन्होंने अपील की कि सभी कर्मचारी इस डिजिटल पहल में बढ़-चढक़र हिस्सा लें और समय रहते अपनी स्वयं-गणना पूर्ण करें, ताकि जिले में अधिकतम भागीदारी और सटीक आंकड़ों का संकलन हो सके।
डीसी पाटिल ने बताया कि इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्वयं-गणना ( Self Enumeration ) की सुविधा ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा नागरिकों को डिजिटल माध्यम से अपने विवरण स्वयं दर्ज करने का अवसर देती है, जिससे जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी बनती है।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों की स्वयं-गणना निर्धारित अवधि में अनिवार्य रूप से पूर्ण करवाएं। साथ ही प्रत्येक कर्मचारी की 11 अंकों की एसई आईडी सहित प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
डीसी ने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी आमजन के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी और इससे जनगणना अभियान की सफलता सुनिश्चित होगी। उन्होंने अपील की कि सभी कर्मचारी इस डिजिटल पहल में बढ़-चढक़र हिस्सा लें और समय रहते अपनी स्वयं-गणना पूर्ण करें, ताकि जिले में अधिकतम भागीदारी और सटीक आंकड़ों का संकलन हो सके।
