New Expressway: इन 68 गांवों की चमकेगी किस्मत! यहां से गुजरेगा नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे
गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे निर्माण के प्रस्ताव को कुशीनगर तक विस्तार करने की मंजूरी देकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। बरेली जिले की बात करें तो यहां से उत्तराखंड से सीधा जुड़ाव बढ़ाने के लिए बरेली-सितारंज हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें बरेली-पीलीभीत पैकेज में 50 प्रतिशत जबकि पीलीभीत-सितारगंज पैकेज में 30 प्रतिशत काम हो चुका है। मथुरा, आगरा तक का सफर आसान बनाने के लिए बरेली-मथुरा हाईवे का चौड़ीकरण भी तेजी से हो रहा है।
इस हाईवे से जहां बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव बन रहा है, वहीं मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे से भी जुड़ाव हो जा रहा है। गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे बन जाने से जिले में एक्सप्रेसवे की कमी दूर हो जाएगी। नवाबगंज के 34 और बहेड़ी के 34 गांव आ रहे हैं, जहां की भूमि का अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ कराई जा चुकी है।
NHAI की ओर से राजस्व विभाग को पत्र लिखकर चयनित गांवों में भू-परिवर्तन करते समय एहतियात बरतने के सुझाव दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में कृषि भूमि को गैर-कृषि (आवासीय, व्यावसायिक) में बदलने के लिए धारा 143 (उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम, 1950) सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान है, जिसे अब उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 80 के तहत समझा जाता है।
यह प्रावधान एसडीएम को कृषि भूमि को गैर-कृषि घोषित करने का अधिकार देता है। परियोजना निदेशक एनएचएआइ नवरत्न ने बताया कि गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे में आने वाले गांवों में राजस्व विभाग को भू-परिवर्तन में सावधानी बरतने के सुझाव दिए गए हैं, ताकि बाद में कोई समस्या उत्पन्न न होने पाए। निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआइ को दी गई है।
कार्य आवंटन के अनुसार जिले के 17 गांवों में निर्माण एनएचएआइ, बरेली कराएगा, जबकि 51 गांवों में निर्माण एनएचएआइ, मुरादाबाद कराएगा। अब इसमें प्रशासन की भूमिका बढ़ जाएगी। किसानों को मुआवजा की धनराशि तो एनएचएआइ देगा, लेकिन उनका वितरण कर कब्जा प्रशासन दिलाएगा।
