राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान एवं इंटेल इंडिया ने राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद का आयोजन किया
इस संवाद में सरकार, विदेशी दूतावासों, शिक्षाविदों, उद्योग और कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि तेजी से विकसित हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिदृश्य और भारत में कार्य, शिक्षा एवं कार्यबल विकास के भविष्य से जुड़े इसके प्रभावों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच पर एकत्रित हुए।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष श्री शशि शेखर वेम्पति मुख्य अतिथि के रूप में, एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. एम.एम. त्रिपाठी, इंडियाएआई मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सुदीप श्रीवास्तव, इंटेल प्रमुख और वैश्विक निदेशक श्री अंशुल सोनाक के साथ-साथ सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति और प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस संवाद में एजेंटिक एआई द्वारा प्रस्तुत उभरते अवसरों और चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया और एआई-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए भारत के कार्यबल की तैयारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। चर्चा का केंद्र बिंदु उभरती कौशल आवश्यकताएं, उद्योग-अनुकूल पाठ्यक्रम, अनुभवात्मक शिक्षा, संकाय की तैयारी, एआई-सक्षम शिक्षण वातावरण और सरकार-शैक्षिक-उद्योग के बीच मजबूत सहयोग था।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्यसूचक और सृजनात्मक प्रणालियों से विकसित होकर एजेंटिक एआई (मानवीय देखरेख में तर्क करने, योजना बनाने और जटिल कार्यों को निष्पादित करने में सक्षम प्रणालियाँ) की ओर बढ़ने के साथ ही विभिन्न उद्योगों में आवश्यक कौशल भी विकसित हो रहे हैं। इस संवाद में छात्रों, शिक्षकों और पेशेवरों को तकनीकी क्षमताओं, अनुकूलनशीलता और मानव-केंद्रित कौशल से लैस करने के महत्व का उल्लेख किया गया, जो तेजी से सक्षम होती जा रही एआई प्रणालियों के साथ प्रभावी ढंग से काम करने के लिए आवश्यक हैं।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणीकरण बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष श्री शशि शेखर वेम्पति ने इस अवसर पर अपने संबांधन में तेजी से विकसित हो रहे एजेंटिक एआई युग के लिए भारत के भावी कार्यबल को तैयार करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रौद्योगिकी द्वारा कार्य की प्रकृति में परिवर्तन के साथ-साथ कौशल, रोजगार क्षमता और निरंतर सीखने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने एजेंटिक एआई के लोकतंत्रीकरण की दिशा में की गई पहल के लिए एनआईईएलआईटी और इंटेल इंडिया को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे दीर्घकालिक कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता है जो मूलभूत और उभरती प्रौद्योगिकी कौशल को वास्तविक दुनिया के अनुभव, उद्योग से संबंधित केस स्टडी और व्यावहारिक डेटासेट के साथ जोड़ते हों। उन्होंने भारत के युवाओं को न केवल वर्तमान रोजगार के अवसरों के लिए बल्कि भविष्य के रोजगारों के लिए भी तैयार करने हेतु सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और कौशल विकास संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग के महत्व पर भी बल दिया।
एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का तीव्र विकास हमारे शिक्षा और कौशल विकास तंत्र के लिए नए अवसर और नई आवश्यकताओं का सृजन कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिकी, आईटी और उभरती प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण के रूप में एक राष्ट्रीय संस्थान, एनआईईएलआईटी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि शिक्षार्थी और शिक्षक तकनीकी परिवर्तन के इस अगले चरण में भाग लेने के लिए तैयार हों। इंटेल इंडिया के साथ हमारा सहयोग एनआईईएलआईटी की राष्ट्रव्यापी कौशल विकास पहुंच को इंटेल की तकनीकी विशेषज्ञता और उद्योग परिप्रेक्ष्य के साथ जोड़ता है, जिससे हम एजेंटिक एआई लर्निंग को देश भर के संस्थानों और शिक्षार्थियों के करीब ला सकते हैं।
भारत में संप्रभु एआई के लोकतंत्रीकरण और एक मजबूत एवं समावेशी एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए सरकार के दृष्टिकोण को उजागर करते हुए, इंडियाएआई मिशन के सीओओ और मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सुदीप श्रीवास्तव ने देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत एआई प्रतिभा समूह के निर्माण के महत्व पर बल दिया।
उन्होंने शिक्षण संस्थानों में एआई क्षमताओं को मजबूत करने में उद्योग-नेतृत्व वाले प्रशिक्षण, एआई-केंद्रित शैक्षिक कार्यक्रमों और डिजिटल शिक्षण पहलों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को उभरती एआई प्रौद्योगिकियों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए एआई प्रतिभा, एआई डेटा लैब और उद्योग-अकादमिक साझेदारी के विकास के महत्व पर भी बल दिया।
इंटेल की एशिया-प्रशांत और जापान स्थित अंतर्राष्ट्रीय सरकारी मामलों की वरिष्ठ निदेशक, सुश्री श्वेता खुराना ने कहा कि जैसे-जैसे एआई सहायक उपकरणों से सक्रिय प्रणालियों और अंततः भौतिक बुद्धिमत्ता की ओर विकसित हो रहा है, यह शिक्षा, कार्य, नौकरियों और उद्योगों को मौलिक रूप से नया आकार देगा। इस नए युग में, सफलता का निर्णायक कारक मानवीय तत्परता होगी क्योंकि व्यक्तियों को तेजी से सक्षम हो रही एआई प्रणालियों के साथ प्रभावी ढंग से सहयोग करने के लिए कौशल, अनुकूलनशीलता और विवेक की आवश्यकता होगी। इसलिए, आर्थिक अनुकूलता को मजबूत करने, अवसरों का विस्तार करने और तकनीकी संप्रभुता को सुदृढ़ करने के लिए एआई कौशल में निवेश करना आवश्यक है। एनआईईएलआईटी के साथ अपने सहयोग के माध्यम से, हम इस दृष्टिकोण को कार्यरूप में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।
इस संवाद का एक प्रमुख परिणाम एनआईईएलआईटी-इंटेल इंडिया एजेंटिक एआई कौशल पहल का शुभारंभ था, जिसका उद्देश्य उद्योग-अनुरूप एजेंटिक एआई सीखने के अवसरों तक पहुंच का विस्तार करना और देश में भविष्य के लिए तैयार एआई प्रतिभा पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में योगदान देना है।
इस पहल के अंतर्गत दो कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया है:
1. सभी के लिए एजेंटिक एआई
यह कार्यक्रम शिक्षार्थियों को वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, एआई एजेंट और मल्टी-एजेंट सिस्टम से परिचित कराता है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, व्यावसायिक परिवर्तन को सक्षम बनाना और बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लेने में सहायता करना है। यह कार्यक्रम नो-कोड प्लेटफॉर्म का उपयोग करके एआई-संचालित वर्कफ़्लो और एजेंटिक सिस्टम को डिज़ाइन करने और नियंत्रित करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है।
2. एजेंटिक एआई सिस्टम का व्यवस्थापन
यह कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित एजेंटिक सिस्टमों के डिजाइन, निर्माण और तैनाती पर केंद्रित है। शिक्षार्थी नो-कोड/लो-कोड प्लेटफॉर्म और कोड-आधारित फ्रेमवर्क का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जिसमें एजेंट आर्किटेक्चर, टूल इंटीग्रेशन, ऑर्केस्ट्रेशन, मेमोरी और डिप्लॉयमेंट जैसे क्षेत्र शामिल हैं, ताकि स्केलेबल और उत्पादन के लिए तैयार समाधान विकसित किए जा सकें।
राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद और एजेंटिक एआई कौशल पहल का शुभारंभ सरकार-शैक्षिक-उद्योग सहयोग को मजबूत करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र विकास के प्रति उत्तरदायी शिक्षा और कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस सहयोग के माध्यम से, एनआईईएलआईटी और इंटेल इंडिया का लक्ष्य उद्योग-अनुरूप, व्यावहारिक और भविष्य के लिए तैयार एजेंटिक एआई लर्निंग तक पहुंच का विस्तार करना है, विशेष रूप से देश भर के शिक्षार्थियों और संस्थानों के लिए, और भारत के एआई-आधारित विकास के अगले चरण में भाग लेने और उसे आगे बढ़ाने में सक्षम कुशल कार्यबल के निर्माण में योगदान देना है।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) ने इंटेल इंडिया के सहयोग से नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में "एजेंटिक एआई युग के लिए भविष्य कार्यबल को तैयार करना" विषय पर एक राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद का आयोजन किया।
