राष्ट्रीय लोक अदालत में 19 हजार से अधिक मामलों का निपटारा, 3.52 करोड़ रुपये से अधिक राशि के समझौते
रोहतक, 9 मई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रोहतक द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के कुल 22 हजार 819 मामलों को सुनवाई के लिए रखा गया, जिनमें से 19 हजार 328 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इस दौरान लगभग 3 करोड़ 52 लाख 39 हजार 617 रुपये की राशि के समझौते हुए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 5 बेंचों का गठन किया, जिनमें संगीता राय सचदेव, कपिल राठी, हिमांशु आर्य, ममता तथा शंकर दून शामिल रहे। इसके अतिरिक्त उप-मंडल महम में अमित श्योराण की अध्यक्षता में एक अलग पीठ का गठन किया गया। लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का समाधान कर लोगों को त्वरित एवं सस्ता न्याय उपलब्ध कराया गया।
अजय तेवतिया ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सबसे अधिक मामलों का निपटारा ट्रैफिक चालान एवं ई-चालान श्रेणी में हुआ। इस श्रेणी में कुल 12 हजार 554 मामलों को लिया गया, जिनमें से 10 हजार 594 मामलों का निपटारा किया गया तथा लगभग 69 लाख 11 हजार 150 रुपये की राशि का समझौता हुआ। इसी प्रकार एनआई एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत 569 मामलों को लिया गया, जिनमें 257 मामलों का निपटारा करते हुए 55 लाख 50 हजार रुपये के समझौते हुए। एमएसीटी मामलों में 81 मामलों में से 20 मामलों का निपटारा कर लगभग 1 करोड़ 9 लाख 97 हजार रुपये की राशि का समझौता कराया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया ने बताया कि भूमि अधिग्रहण मामलों में 10 मामलों में से 9 मामलों का समाधान कर लगभग 1 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राशि के समझौते हुए। इसके अलावा स्थायी लोक अदालत, वैवाहिक विवाद, बैंक रिकवरी, श्रम विवाद, उपभोक्ता विवाद तथा अन्य दीवानी मामलों का भी सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत के माध्यम से समय और धन दोनों की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द भी बना रहता है।
