उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में चिन्हित अपराध मामलों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित
हिसार, 17 अप्रैल। उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा कि जिले में चिन्हित अपराध के तहत आने वाले मामलों की जांच पुलिस विभाग पूरी गहनता से कर रिपोर्ट तैयार करें। इसी प्रकार से जिला न्यायवादी कार्यालय चिन्हित अपराध के मामलों में कोर्ट में ठोस तरीके से पैरवी करना सुनिश्चित करें।
वे शुक्रवार को लघु सचिवालय परिसर स्थित वीडियो कान्फ्रेंस सभागार में चिन्हित अपराध की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग चिन्हित अपराध के सभी मामलों की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे तथा जिला न्यायवादी कार्यालय न्यायालय में मजबूती के साथ पक्ष रखें, ताकि कोई भी अपराधी तकनीकी खामियों का लाभ उठाकर बच न सके। बैठक में अधिकारियों ने उपायुक्त महेंद्र पाल को जानकारी देते हुए बताया कि चिन्हित अपराध के अंतर्गत जिले के गंभीर और सनसनीखेज मामलों को शामिल किया जाता है। इसके साथ ही वाणिज्यिक मात्रा के एनडीपीएस मामलों को भी चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इन मामलों की विशेष निगरानी की जाती है, ताकि जांच और अभियोजन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान किशन भाई बनाम स्टेट ऑफ गुजरात प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न मामलों पर चर्चा की गई। उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा कि कोई भी अपराधी कोर्ट में ठोस पैरवी न होने की वजह से बचकर नहीं निकलना चाहिए। कोर्ट में पेशी से पूर्व साक्ष्यों और तथ्यों की मजबूती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एवं इंटरनेट से जुड़े हुए अपराधों की संख्या में बढ़ोतरी होने के कारण युवा पीढ़ी का पथ भ्रमित होने की संभावना ज्यादा है। इसके अलावा पारिवारिक रिश्तों में भी मतभेद उत्पन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को पथ भ्रमित होने से बचाने के लिए अभिभावकों एवं शिक्षण संस्थानों को अपना दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
बैठक में नगराधीश सुभाष चंद्र, डीएसपी श्रद्धा सिंह, डीएसपी विनोद शंकर, डीएसपी अमित कुमार सहित पुलिस विभाग व संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
