दादू से जब मिल गया, नन्हा-सा प्रज्ञान।
बाहों में भर प्यार से, खिल उठा अरमान।।
दादू बोले आ गया, मेरा प्यारा लाल।
देख तुम्हें खुश हो गया, मन में मची धमाल।।
दादू संग जब बैठकर, बातें करे हजार।
नन्हे-नन्हे प्रश्न पर, दादू का दुलार।।
दादू ने फिर हाथ में, थामा अपना हाथ।
प्यार भरी उस छाँव में, खिल उठे जज़्बात।।
दादू की गोदी मिली, मिला अनोखा प्यार।
उनकी मीठी बात में, खुशियों की बौछार।।
दादू बोले सीखना, सच की रखना लाज।
मेहनत करके एक दिन, करना अपना राज।।
नन्हा बोला दादू से, फिर आऊँगा पास।
आप रहो खुश सदा, यही रहे अरदास।।
दादू का आशीष जब, सिर पर रहे महान।
छोटे कदमों से बढ़े, ऊँचा हो सम्मान।।
पीढ़ी से पीढ़ी तक रहे, रिश्तों में विश्वास।
दादू जैसा प्यार हो, जीवन में मधुमास।। 
