आस्था और पर्यावरण संरक्षण पर सुनो नहरों की पुकार मिशन
सुनो नहरों की पुकार मिशन के संस्थापक मुख्य संरक्षक एवं जाट कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ जसमेर सिंह ने बताया कि नवरात्रों के दौरान तथा प्रतिदिन श्रद्धालु देवी देवताओं की खंडित या पुरानी मूर्तियां, तस्वीर, वस्त्र दिल्ली बाईपास के नजदीक नहरों के पुलों के साथ बनाए गए स्थान पर रख जाते हैं। इसके अलावा शहर के चौक चौराहों पर रखी गई इन धार्मिक तस्वीरों को गांधी कैंप निवासी गौरव मलिक भी एकत्रित करके यहां सम्मान के साथ रख जाते हैं। जिनको प्रत्येक महीने धाम पर भेजा जाता है।
मिशन के वरिष्ठ सदस्य डॉ रविंद्र नांदल और समाजसेवी ईश्वर दलाल ने बताया कि फिर सारे धार्मिक सामान को एकत्रित कर जींद जिले के श्री गोविंद धाम गतौली में भेजा जाता है। वहां के सेवक पूर्णिमा के दिन सारे सामान का शुद्धिकरण करते हैं। फिर अलग-अलग करके कुछ सामान का कुंड में अग्नि विसर्जन कर देते हैं तथा कुछ सामान की ईंटें बनाकर देश में मंदिरों की नींव में लगाने के लिए भेज देते हैं। ताकि हमारी आस्था का किसी प्रकार से निरादर ना हो। और नहरो का जल भी इससे किसी प्रकार से प्रदूषित ना हो।
गाड़ी का किराया सभी सदस्य प्रत्येक माह मिलकर एकत्रित कर लेते हैं। इस दौरान डॉ जसमेर सिंह, ईश्वर सिंह दलाल, डॉ रविंद्र नांदल, साहब सिंह धामड ,डॉ संतलाल बुधवार, राजवीर सिंह, रणबीर मलिक, सुरेश मलिक, राजेंद्र दहिया, कैप्टन जगबीर मलिक,गौरव मलिक, कृष्णा रहबारी,
