एनसीवीईटी और एचकेसीएल के बीच महत्वपूर्ण समझौता, एचकेसीएल को ‘डुअल’ श्रेणी संस्थान के रूप में राष्ट्रीय मान्यता
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर
इस अवसर पर एमएसडीई की सचिव एवं एनसीवीईटी की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी तथा एनसीवीईटी के कार्यकारी सदस्य अशोक कुमार गाबा की गरिमामयी उपस्थिति रही। एनसीवीईटी की ओर से लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रम सिंह भट्टी तथा एचकेसीएल की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ अभिजीत कुलकर्णी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। समारोह में एचकेसीएल से प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर आशीष कुमार एवं बिजनेस एनालिस्ट विकास बिश्नोई भी उपस्थित रहे।
कौशल विकास को मिलेगा नया आयाम
यह मान्यता एनसीवीईटी के गुणवत्ता-आधारित एवं उद्योग-संरेखित नियामक ढांचे के अनुरूप है। एचकेसीएल अपने समावेशी शिक्षा मॉडल और सुदृढ़ शैक्षणिक संरचना के माध्यम से कौशल विकास, पुनः कौशल (रि स्किलिंग) तथा उन्नत कौशल (उप स्किलिंग) कार्यक्रमों को और गति प्रदान करेगा। संस्था द्वारा संचालित कार्यक्रम राष्ट्रीय क्रेडिट ढांचे के अनुरूप डिजाइन किए गए हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं के रोजगार कौशल को सुदृढ़ करना और उन्हें आधुनिक कार्यबल के लिए तैयार करना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षार्थी अपनी रुचि एवं करियर लक्ष्यों के अनुरूप अध्ययन करते हुए शैक्षणिक क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं तथा व्यावहारिक एवं उद्योग-संबंधित दक्षताओं का विकास कर सकते हैं।
युवाओं एवं वंचित वर्गों के लिए अवसर
इस पहल से युवाओं, महिलाओं एवं वंचित समुदायों के लिए रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही, यह कदम देश में कौशल-आधारित शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
एचकेसीएल: कौशल एवं डिजिटल सशक्तिकरण में अग्रणी
उल्लेखनीय है कि एचकेसीएल हरियाणा सरकार द्वारा प्रमोटेड एक संस्था है, जो रोजगारोन्मुख कौशल विकास एवं डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था के प्रयास इंडस्ट्री 4.0 की उभरती आवश्यकताओं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जिनमें भविष्य-उन्मुख एवं उन्नत कौशलों के विकास पर विशेष बल दिया गया है। एचकेसीएल अब तक विभिन्न क्षेत्रों में 2 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित कर चुका है और अनेक सरकारी विभागों एवं शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी में कार्य कर रहा है।
