आंधी-तूफान में गिरे पेड़ों की कटाई से पहले वन विभाग की अनुमति लेना जरूरी

 
आंधी-तूफान में गिरे पेड़ों की कटाई से पहले वन विभाग की अनुमति लेना जरूरी

भिवानी, 11 मई। आंधी-तूफान के चलते खेतों एवं विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पेड़ गिरने के बाद वन विभाग ने आमजन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उप वन संरक्षक भिवानी डॉ. राजेश वत्स ने बताया कि प्रतिबंधित प्रजातियों के पेड़ों की कटाई या हटाने से पहले वन विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य है।


उन्होंने बताया कि वन विभाग के अनुसार रोहिड़ा, जांटी, बेरी, सिरस, हिंदोक, शीशम आदि संरक्षित प्रजातियों के पेड़ों को काटने या हटाने के लिए वन मंडल कार्यालय, भिवानी से पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके लिए संबंधित व्यक्ति/किसान विभाग में आवेदन कर सकता है।


उन्होंने बताया कि सफेदा, पॉपलर, बकैन, बांस, तूत, अमरूद, देसी कीकर, मस्कट आदि कुछ प्रजातियों की कटाई पर कोई प्रतिबंध नहीं है। विभाग ने नागरिकों/किसानों से अपील की है कि किसी भी गिरे हुए पेड़ को हटाने से पहले उसकी प्रजाति की सही पहचान अवश्य कर लें, ताकि नियमों का उल्लंघन न हो।


उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है। बिना अनुमति संरक्षित पेड़ों की कटाई करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने किसानों एवं भूमि मालिकों से सावधानी बरतने और आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।