जनगणना के लिए नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी को रखा जायेगा पूरी तरह गोपनीय
रोहतक : गृह मंत्रालय के जनगणना निदेशालय हरियाणा के निदेशक डॉ. ललित जैन ने जिला वासियों का आह्वïान किया कि वे जनगणना 2027 के अंतर्गत घर आने वाले प्रगणकों को पूरा सहयोग दें तथा अपने बारे में सही व स्टीक जानकारी प्रदान करें। नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा तथा न ही किसी नागरिक के विरुद्घ इस जानकारी प्रयोग किया जायेगा। गत एक से 30 अप्रैल तक प्रदेश में 3 लाख नागरिकों ने स्व-गणना की है।
डॉ. ललित जैन स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में उपायुक्त सचिन गुप्ता व अन्य अधिकारियों के साथ प्रेस प्रतिनिधियों से जनगणना 2027 के बारे में संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार जनगणना के कार्य को पहली बार डिजिटल रूप से किया जा रहा है तथा प्रथम चरण में 30 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक राष्ट्र के विकास, नीति निर्माण और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में योगदान देता है। उन्होंने सभी नागरिकों का आह्वïान किया है कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी जनगणना विधिवत रूप से दर्ज हो।
निदेशक डॉ. ललित जैन ने कहा कि प्रगणक नागरिकों से कोई आधार कार्ड या पेनकार्ड नहीं लेंगे।
वे केवल सरकार द्वारा निर्धारित किये गए सामान्य प्रश्न पूछ कर आवश्यक जानकारी ऐप में दर्ज करेंगे। प्रगणकों को कोड सहित पहचान पत्र दिये गए है। नागरिक इन पहचान पत्रों को स्कैन कर चैक कर सकते है। जनगणना का कार्य शुरू हो गया है तथा इस कार्य में 33 सवाल नागरिकों से पूछे जा रहे है। इसके तहत नागरिकों के रहन-सहन बारे जानकारी ली जायेगी। इनके मकानों के बारे में जानकारी के अलावा पीने के पानी की उपलब्धता, शौचालय, इंटरनेट, वाहन इत्यादि जानकारी ली जा रही है। इन सवालों के माध्यम से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि किस क्षेत्र में कितना विकास हुआ है और नागरिकों के पास कितनी सुविधाएं उपलब्ध है।
डॉ. ललित जैन ने कहा कि गत 1 से 30 अप्रैल तक हरियाणा में स्व-गणना का कार्य किया गया। यदि किसी नागरिक ने स्व-गणना में भाग लेकर अपनी जनगणना की है और आईडी प्राप्त की है तो वे घर आने वाले प्रगणक को वह आईडी उपलब्ध करवाये। उन्होंने कहा कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण में केवल मकानों की गणना की जा रही है। इसमें खाली प्लॉटों की गणना नहीं की जा रही है। सरकार के निर्देशानुसार सभी प्रगणकों को जनगणना के कार्य में व्यक्तिगत फोन का प्रयोग ही करना है, जिसके लिए सरकार द्वारा उचित मानदेय दिया जा रहा है।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, जनगणना के नोडल अधिकारी व उपमंडलाधीश आशीष कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत कुमार एवं नमिता,डीएसओ नवदीप सिंह, डीआईओ महेश भारद्वाज, जनगणना के मंडल इंचार्ज ओम प्रकाश, जिला जनगणना अधिकारी सोनू डागर सहित सभी चार्ज अधिकारी मौजूद रहे।
