आखिर कितने प्रकार के होते हैं FASTags? जानें कैटेगरी व रिचार्ज से जुड़ी डिटेल

 
Just how many types of FASTags are there?
FASTag : भारत में नेशनल हाइवेज पर यात्रा को आसान और तेज बनाने के लिए FASTag प्रणाली अब एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है। यह इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली टोल प्लाजा पर बिना रुके सुचारू रूप से भुगतान करने की सुविधा प्रदान करती है। टोल करों का सटीक संग्रह सुनिश्चित करने और वाहनों की पहचान को सरल बनाने के लिए, FASTag को विभिन्न श्रेणियों और रंगों में बांटा किया गया है।

जानें गाड़ियों के हिसाब से FASTag की कैटेगरी

वाहनों के प्रकार के अनुसार FASTag को अलग-अलग क्लास में बांटा गया है:

  • क्लास 4 (बैंगनी टैग): कार, जीप, वैन और छोटी गाड़ियों के लिए।
  • क्लास 5 (नारंगी टैग): हल्के कमर्शियल वाहन (LCV) के लिए।
  • क्लास 6 (पीला टैग): 3-एक्सल वाले ट्रक और बसों के लिए।
  • क्लास 7 (हरा टैग): 2-एक्सल बस और ट्रकों के लिए।
  • क्लास 12: 4 से 6 एक्सल वाले बड़े वाहनों के लिए।
  • क्लास 15: 7 या उससे अधिक एक्सल वाले भारी वाहनों के लिए।
  • क्लास 16: भारी निर्माण मशीनरी और अर्थ मूविंग उपकरणों के लिए।

अकाउंट के आधार पर FASTag के प्रकार

FASTag को अकाउंट मैनेजमेंट के आधार पर भी तीन हिस्सों में बांटा गया है:

  • बैंक आधारित FASTag: यह सीधे बैंक खाते से जुड़ा होता है। इसे SBI, HDFC, ICICI और Axis Bank जैसे बैंकों से लिया जा सकता है।
  • वॉलेट आधारित FASTag: इसमें प्रीपेड वॉलेट की तरह पहले पैसे जोड़ने होते हैं।
  • NHAI/IHMCL FASTag: इसे टोल प्लाजा या अधिकृत केंद्र से खरीदा जा सकता है और बाद में बैंक खाते से लिंक किया जा सकता है।

इस्तेमाल के अनुसार FASTag कैटेगरी

  • निजी वाहन
  • कमर्शियल वाहन
  • सरकारी और टोल-फ्री वाहन
  • रेंटल और फ्लीट वाहन

FASTag कैसे करें रिचार्ज?

FASTag को किसी भी अधिकृत बैंक, डिजिटल पेमेंट ऐप या NHAI के पोर्टल के जरिए आसानी से रिचार्ज किया जा सकता है। यूजर्स अपनी सुविधा के अनुसार नया टैग खरीद सकते हैं या बैलेंस अपडेट कर सकते हैं।