Haryana News: हरियाणा मेंपटवारी और ग्राम सचिव 24 घंटे गांवों में ही रहकर करेंगे रिपोर्ट, हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी

 
 Patwari and Gram Sachiv will do 24 hour duty in Haryana

Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र से बड़ी खबर आ रही है। यहां पटवारी और ग्राम सचिवों को निर्देश जारी कर दिए है। जिसमें कहा गया है कि वे 24 घंटे अपने-अपने गांवों में ही रहकर रिपोर्ट करेंगे।

हेल्पलाइन नंबर जारी

जानकारी के मुताबिक, डीसी विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जलभराव की स्थिति को समय से नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन योजना के हिसाब से काम कर रहा है। पटवारी और ग्राम सचिव को 24 घंटे गांवों में ही रहते हुए ग्रामीणों और जिला प्रशासन के बीच की कड़ी का काम कर रहे हैं। सभी गांवों में रात के समय ठीकरी पहरा लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। जिला में स्थिति नियंत्रण में है। जिले के लोगों को पैनिक होने की जरुरत नहीं है। किसी भी जानकारी को कंट्रोल रूम नंबर 01744-221035 पर किसी भी समय पर दे सकते हैं।

मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ा

डीसी विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि हिमाचल और उत्तरी क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। सुबह करीब 42 हजार क्यूसिक पानी का बहना दर्ज किया गया। वही झांसा में भी नदी की स्थिति हाई फल्ड लेवल पर चल रही है। उन्होंने कहा कि जिले के गांव गोमती, मलिकपुर, तंगोर, कठवा को दौरा कर स्थिति को जाना गया है। गांव कठवा में सडक़ पर कट लगाकर पानी को पार करवाया जा रहा है। 

एसडीआरएफ की गई तैनात

उपायुक्त ने कहा कि गांवों में व्यवस्था के लिए अधिकारियों की टीम नियुक्त की गई है। फिलहाल, जिला में स्थिति नियंत्रण में है, किसी भी नागरिक को पैनिक होने किया है कि वो बिना किसी कारण घर से बाहर ना निकलें। जरुरी होने पर पानी की स्थिति का पता करने के बाद ही बाहर जाएं। एसडीआरएफ को एतिहात के तौर पर झांसा और  शाहाबाद एरिया में मदद के लिए लगाया गया है। 

प्रशासन लगाएगा किसानों के लिए कैंप

डीसी मीणा ने कहा कि 13 अगस्त और 14 अगस्त को हुई बारिश के बाद ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया था। इस पोर्टल में जिले के बरसात से प्रभावित 75 गांवों को शामिल किया हुआ है। मौजूदा जलभराव की स्थिति से यदि इनके अतिरिक्त कोई गांव प्रभावित होता है तो उसका भी पोर्टल में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसान किसी कारण से पोर्टल पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं तो उन गांवों में प्रशासन की ओर से स्पेशल कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस पोर्टल पर ग्रामीण अपनी किसी भी तरह की हानि का आवेदन कर सकते हैं।