राजस्व सेवाओं तक नागरिकों की आसान पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की है प्राथमिकता
सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी अपने न्यायालय न छोड़े तथा समयबद्ध तरीके से न्यायालयों में लंबित मामलों का निपटारा करें। सरकार की हिदायतों अनुसार प्रलेख पंजीकरण् के साथ-साथ समय पर इंतकाल भी दर्ज करने सुनिश्चित करें। मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर मिसमैच डाटा को जल्द वेरीफाई करें। उन्होंने बैठक में स्वीकृत एजेंडा के अनुसार राजस्व विभाग की प्रमुख सेवाओं की प्रगति एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने राजस्व अधिकारियों को दस्तावेजों का समयबद्ध पंजीकरण, लंबित इंतकाल एवं सीमांकन मामलों का निपटान, भूमि अभिलेखों की शुद्धता, ततीमा अद्यतन, डिजिटलीकरण पहल, एग्रीस्टैक का क्रियान्वयन तथा आधार/परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) सीडिंग बारे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला-वार लंबित मामलों एवं विलंब की विस्तार से समीक्षा की गई तथा स्पष्ट सुधारात्मक कदमों पर चर्चा की गई। उन्होंने समीक्षा बैठक में डिजिटल क्रॉप के अलावा टोकन, लंबित इंतकाल, ततिमा कटिंग, तकसीम, खानाकास्त के अलावा चकबंदी की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लंबित इंतकालों को आगामी 10 दिन में निपटाया जाये। गिरावड़ की जमाबंदी को आगामी एक माह में ऑनलाइन करें। इसी तरह भैणी चंद्रपाल की जमाबंदी को भी समयबद्ध पूर्ण किया जाये।
सचिन गुप्ता ने विशेष रूप से इंतकाल एवं सीमांकन में लंबित मामलों को कम करने, दस्तावेज पंजीकरण में तेजी लाने तथा त्रुटिरहित एवं विश्वसनीय भूमि अभिलेख सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग करने, फील्ड-स्तर की निगरानी सुदृढ़ करने तथा आईटी से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसडीएम, तहसील एवं जिला स्तर पर स्पष्ट दायित्व निर्धारित किए गए तथा लंबित मामलों की नियमित आंतरिक समीक्षा एवं कड़ी निगरानी के निर्देश भी दिए गए।
राजस्व विभाग की वित्त आयुक्त सुमिता मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों व राजस्व अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर की समीक्षा :-
राजस्व विभाग की वित्त आयुक्त सुमिता मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपायुक्तों एवं राजस्व अधिकारियों के साथ विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर समीक्षा की। उन्होंने लंबित टोकन, एग्रीस्टैक, पेपरलैस रजिस्टरी, पेपरलैस रजिस्टरी में पैमाइश, लंबित इंतकाल, लंबित तकसीम के मामलों, तकसीम के अलावा अन्य लंबित मामलों, पोर्टल को अपडेट करने, लार्ज स्कैल मैपिंग रिव्यू, जमाबंदी अपडेट, नक्शा प्रोग्राम, युवा आपदा मित्र स्कीम, ब्लॉकिंग खसरा, प्राइम खसरा मैनेजमेंट, लोन एंट्री प्रोसेस, आधार सीडिंग आदि बिंदुओं पर अधिकारियों के साथ समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर सांपला की उपमंडलाधीश अंकिता पंवार, रोहतक के उपमंडलाधीश आशीष कुमार, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, नगराधीश अंकित कुमार, संबंधित तहसीलदार व नायब तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
