"नारी वंदन अधिनियम 2023" लागू करना महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में एक और बेहतरीन कदम - रेणु भाटिया
चंडीगढ़, 13 अप्रैल- हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष सुश्री रेणु भाटिया ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा "नारी वंदन अधिनियम 2023" लागू करना महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में एक और बेहतरीन एवं कारगर कदम है।
हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष सुश्री रेणु भाटिया बुधवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि नारी वंदन अधिनियम से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जो विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करेगा। इससे महिलाएं नीति निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि अधिनियम के लागू होने का बाद महिलाएं विधानसभा व संसद में पुरजोर ढंग से अपनी बात रख सकेंगी। यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही समावेशी और संतुलित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस दूरदर्शी और दुरगामी निर्णय की चारों ओर सराहना हो रही है। इससे महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी युग की शुरुआत होगी। इस कानून के आने से आने वाले समय में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं का नेतृत्व और अधिक सशक्त बनकर उभरेगा।
सुश्री भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नारी को सशक्त बनाने का संकल्प लेते हुए "बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान" की शुरुआत कर महिला सशक्तिकरण की मजबूती से नीवं रखी थी। अब इस अधिनियम के माध्यम से इसे धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कानून नए भारत की नारी के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। आज बेटियों के जन्म पर लोग खुशियां मनाते हैं और नारी को मां की संज्ञा देते है। इससे सामाजिक जीवन में भी बदलाव आया है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को शत-शत वन्दन है।
आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि नारी का सम्मान देश का स्वाभिमान है। इस अधिनियम से प्रधानमंत्री ने महिलाओं को पहले से ऊंचा स्थान दिया है। महिलाओं का सशक्तिकरण कर एक बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढने का कार्य किया है। यह महिलाओं की शिक्षा और विकास को ओर अधिक मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले दशक से महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर बडे़ बदलाव किए हैं। हरियाणा में पहले से ही राशन डिपो अलाट करने में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण और उज्ज्वला योजना के तहत गैस के सस्ते सिलेण्डर दिए जा रहे हैं। सरकार की इन महत्वपूर्ण योजनाओं से महिलाओं के जीवन में काफी सुधार आया है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का सबसे बड़ा प्रभाव यह होगा कि इससे महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और स्वच्छता जैसे मुद्दों को अधिक प्राथमिकता मिलेगी। यह अधिनियम भारत के भविष्य की दिशा तय करेगा।
