शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की है आधारशिला - शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

 
शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की है आधारशिला - शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

चण्डीगढ़, 8 मई - हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल, तकनीक और संस्कारों से भी समृद्ध होना होगा। शिक्षा हमें योग्य बनाती है, जबकि दीक्षा और संस्कार हमें संवेदनशील नागरिक बनाते हैं। आज देश को केवल डिग्रीधारी युवा नहीं, बल्कि संस्कारवान और राष्ट्रहित में सोचने वाले युवाओं की आवश्यकता है।

 

शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा रोहतक के पंडित नेकीराम राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपस्थितगण को संबोधित कर रहे थे। शिक्षा मंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, अनुशासन और संकल्प का प्रतीक है।

 

उन्हांेने कहा कि शिक्षा हमें योग्य बनाती है, जबकि दीक्षा और संस्कार हमें संवेदनशील नागरिक बनाते हैं। केवल डिग्रीधारी युवा नहीं, बल्कि संस्कारवान और राष्ट्रहित में सोचने वाले युवाओं की आवश्यकता है। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी    उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए कुल 468 पुरस्कार प्रदान किए। इनमें शैक्षणिक क्षेत्र में 318, खेलों में 80, सांस्कृतिक गतिविधियों में 48 तथा एनसीसी/एनएसएस में 22 पुरस्कार विद्यार्थियों को वितरित किए। पुरस्कार प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे उत्साह एवं गर्व से खिल उठे।

 

शिक्षा मंत्री ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है और इसी ऊर्जा के दम पर भारत विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हरियाणा सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास का लाभ पहुंचे। सरकार का उद्देश्य गांव और शहर के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाना है। उन्होंने सरकारी कॉलेजों के विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि आज सरकारी संस्थानों के छात्र हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

श्री महीपाल ढांडा ने शिक्षक समुदाय की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माता-पिता बच्चों को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक उन्हें महान बनाते हैं। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों, युद्ध और मानवता के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सदैव विश्व कल्याण की भावना के साथ आगे बढ़ा है। भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण, जीवों के प्रति संवेदनशीलता और विश्व का कल्याण की भावना को भारत की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर भारत और लोकल फॉर वोकल के संकल्प को आगे बढ़ाएं तथा अपने आसपास की चुनौतियों को समझते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दें।

 

शिक्षा मंत्री ने महाविद्यालय परिसर के विकास के लिए कॉलेज परिसर की जर्जर सडक़ के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय अपनी शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर है और ऐसे ऐतिहासिक संस्थान के विकास के लिए सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा कर उन्हें पूरा कराया जाएगा। साथ ही महाविद्यालय की नई बिल्डिंग एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।