रूसी सेना में भर्ती भारतीयों के प्रभावित परिवारों को राहत, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण करेगा मदद

 

भिवानी | रूस की सेना में भर्ती भारतीय नागरिकों की स्थिति, रिहाई एवं स्वदेश वापसी तथा मृतक एवं लापता नागरिकों के परिवारों को मुआवजा दिलाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालना के लिए हरियाणा सरकार ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय भिवानी को मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार की ओर से निर्देश प्राप्त हुए हैं।

डीसी साहिल गुप्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 31 जुलाई 2026 के आदेश के अनुसार प्रभावित परिवारों को आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक सहायता उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस संबंध में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित उपमंडल अधिकारियों और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मृत भारतीय नागरिकों के पार्थिव अवशेषों की पहचान के लिए उनके परिवार के सदस्यों के साथ डीएनए परीक्षण करवाने की व्यवस्था की जाएगी। डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तथा पहचान होने के बाद संबंधित प्रमाण पत्र के साथ पार्थिव शरीर परिवार को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।

प्रभावित परिवारों को मुआवजा संबंधी दावे प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाने का भी प्रावधान किया गया है। संबंधित दस्तावेजों का क्षेत्रीय भाषा में अनुवाद करवाकर परिवारों को उपलब्ध कराया जा सकता है, ताकि वे विदेश मंत्रालय के माध्यम से रूसी अधिकारियों के समक्ष अपने दावे प्रस्तुत कर सकें। प्रभावित परिवारों को दावे दाखिल करने, डीएनए परीक्षण तथा अन्य आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के माध्यम से नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश हैं।

दस्तावेज के अनुसार रूस में सेवा के दौरान मृत भारतीय नागरिकों के पात्र परिवारों के लिए विभिन्न प्रकार के भुगतान का प्रावधान बताया गया है। इनमें बीमा भुगतान 3,439,562.92 रूबल, एकमुश्त भत्ता 5,459,344.37 रूबल, एकमुश्त भुगतान 50 लाख रूबल तथा 22,908.62 रूबल का मासिक मौद्रिक मुआवजा शामिल है। पात्रता और भुगतान रूसी कानून एवं संबंधित नियमों के अनुसार होंगे।

मुआवजे के लिए प्रत्येक पात्र परिवार सदस्य को अलग आवेदन करना होगा तथा रूसी बैंक में संबंधित व्यक्ति के नाम से अलग बैंक खाता खोलना होगा। आवेदन के साथ पहचान संबंधी दस्तावेज, मृतक से पारिवारिक संबंध प्रमाणित करने वाले दस्तावेज और बैंक खाते का विवरण प्रस्तुत करना होगा। विदेशी भाषा में उपलब्ध दस्तावेजों के साथ नोटरीकृत रूसी अनुवाद भी आवश्यक होगा।

डीसी साहिल गुप्ता ने कहा कि प्रभावित परिवारों को सरकारी स्तर पर उपलब्ध सभी आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा। संबंधित विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार समन्वय बनाकर कार्रवाई करें, ताकि पात्र परिवारों को कानूनी सहायता, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा मुआवजा संबंधी दावों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।