बैसाखी के उपलक्ष्य पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

 
बैसाखी के उपलक्ष्य पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

चंडीगढ़, 20 अप्रैल-- हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी एवं पंजाबी समाज सभ्याचारिक मंच, पंचकूला के संयुक्त तत्वावधान में पी.डब्ल्यू.डी. ऑडिटोरियम, सेक्टर-1, पंचकूला में बैसाखी के सामाजिक एवं सांस्कृतिक पक्ष पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।


इस अवसर पर भारत भूषण भारती, ओ.एस.डी. मुख्यमंत्री हरियाणा ने अपने वक्तव्य में कहा कि बैसाखी उमंग उल्लास और साहस के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। बैसाखी का उत्सव 13 अप्रैल को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, परन्तु यह कार्यक्रम पूरे सप्ताह ही चलते रहते हैं। उन्होंने आर.पी. मल्होत्रा व उनकी सारी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम एक नीतिगत कार्यक्रम है तथा हर वर्ष यह कार्यक्रम नई ऊर्जा के साथ मनाया जाता है। पंजाबी सभ्याचारिक मंच पूरी दुनिया में छाया हुआ है। उनका मानना है कि गुरुमुखी भाषा गुरुओं के मुख से निकले हुए शब्द हैं, इसलिए इस भाषा को गुरुमुखी भाषा कहा जाता है। भारत भूषण भारती ने कहा कि दुनिया के दूसरे विश्वविद्यालयों में संस्कृत और गुरुमुखी भाषा का अध्ययन इसलिए करवाया जाता है कि संस्कृत का साहित्य इतना व्यापक और समेकित है कि उसमें मानव सभ्यता के ज्ञान की अजस्र धारा प्रवाहित होती है।


अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष, डॉ. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सप्त सिंधु क्षेत्र का इतिहास संघर्ष का इतिहास रहा है, इसी संघर्ष में से खालसा पंथ की स्थापना हुई। पांच नदियों के कारण पंजाब बना था, परन्तु यह क्षेत्र पहले सप्तसिंधु के नाम से जाने जाता था क्योंकि यहाँ सात नदियाँ बहती थी। अगर सरस्वती नदी बहने लगी तो सप्तसिंधु क्षेत्र दोबारा जिन्दा हो सकेगा। उन्होंने कवि इकबाल का संदर्भ लेते हुए कहा भारतीय संस्कृति में एक विशेष बात है जो विश्व की अन्य संस्कृतियों में नहीं है। हमारी संस्कृति किसी भी विचारधारा में बढ़ोतरी की संस्कृति है जो एक समावेशी स्वरूप में सहअस्तित्व पर आधारित है, जबकि विश्व की अन्य संस्कृतियाँ एकांगी दृष्टिकोण पर आधारित हैं तथा दूसरों के दृष्टिकोण को स्वीकार नहीं करती।


सुप्रसिद्ध पंजाबी गायक हरभजन सिंह मान ने इस अवसर पर देश भक्ति और भारतीय संस्कृति के सामाजिक ताने-बाने पर अपने गीत प्रस्तुत किए। पंजाबी सभ्याचारिक मंच के पदाधिकारी राजीव मल्होत्रा ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों/श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का मंच संचालन आभा मुकेश साहनी और रेखा साहनी ने किया।