Crime : प्यार में अंधी हुई पत्नी, प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या; फिर रातभर लाश के पास सोती रही

 
Wife Blinded by Love Conspires with Lover to Murder Husband
Crime : उत्तर प्रदेश में हसनपुर के पिपलौती कला गांव से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पत्नी पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करने का आरोप है। हैरत की बात तो यह है कि हत्या कराने के बाद रातभर पति के शव के पास ही सोती रही।

कांप उठा लोगों का कलेजा

रविवार सुबह धारदार हथियार से रेता हुआ गला, हाथ पैर व पेट तथा चारपाई के नीचे व बरामद में बहता खून देखकर गांव के लोगों की रूह कांप उठी। हत्या का आरोप राजमिस्त्री के पिता ने उसकी पत्नी पर लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करा दी है। बताया जा रहा है कि यहां पर पति की हत्या कराने से पहले उसे खाने में नशीली गोली देकर नशा कराने की चर्चा लोगों की जुबान पर है। 

इसके अलावा रूही पति की हत्या कराने के बाद रातभर पति के शव के पास दोनों बच्चों को लेकर सोती रही। सुबह को भी जब ससुर मोमीन वहां पहुंचे तो वह बच्चों के साथ रो रही थी।

चाची ने पाल-पोस कर बड़ा किया था मेहराज

राजमिस्त्री महराज अली अपने पिता मोमीन अहमद का इकलौते बेटा था। बचपन में ही उसकी मां की मृत्यु हो गई थी। मां की मृत्यु के बाद चाची इसरेमीन ने उसका पालन पोषण किया था। छह साल पहले शादी होने के बाद महराज अली के दो बेटे फरमान चार वर्ष तथा अली तीन वर्ष हैं। बताया जा रहा है कि रात दो चारपाइयों पर पूरा परिवार एक ही मच्छरदानी लगाकर सोया था। पति-पत्नी में मनमुटाव के चलते पति चार दिन से खाना भी अपनी चाची इसरेमीन के यहां खा रहा था।

प्रेम प्रसंग के चलते की हत्या  

शादी के बाद दो बच्चों की मां बनने के बावजूद भी पत्नी ने शादी से पहले शुरू हुआ प्रेम प्रसंग शादी के बाद भी चलता रहा। दरअसल रूही की बड़ी बहन की शादी भी मृतक मेहराज के तहेरे भाई से हुई है। शादी से पहले ही उसका प्रेम प्रसंग बहन के देवर फरमान से शुरू हो गया था। वह शादी प्रेमी से ही करना चाहती थी। लेकिन, स्वजन ने उसकी शादी मेहराज से करा दी थी। उसके बाद भी दोनों का प्रेम प्रसंग चलता रहा। जिसका नतीजा आज हत्या के रूप में सामने आया।

खून से सने जूतों के निशान मिले 

जिस चारपाई पर मेहराज का शव पड़ा था उसके नीचे खून था। घटना स्थल को देखने पर प्रतीत होता है कि हत्या करने के बाद आरोपितों ने शव को उठा कर साइड बदली थी। क्योंकि अमूमन सभी लोग चारपाई के सिरहाने की तरफ सिर रख कर सोते हैं। जबकि मेहराज का सिर सिरहाने की तरफ नहीं था। वहीं चारपाई के नीचे पड़े खून के पास ही जूतों के निशान भी बने थे। वह निशान खून में सने हुए थे। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह जूतों के निशान हत्यारोपितों के हैं।