फसल खरीद को लेकर किसानों को भ्रमित कर रहे कांग्रेसी — मुख्यमंत्री

 मंडियों में पुख्ता इंतजाम, हर किसान की फसल खरीदेगी सरकार— नायब सिंह सैनी
 
फसल खरीद को लेकर किसानों को भ्रमित कर रहे कांग्रेसी — मुख्यमंत्री
चंडीगढ़  — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल फसल खरीद को लेकर किसानों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनके अपने शासनकाल की बदहाल व्यवस्थाएं किसी से छिपी नहीं हैं। वर्तमान सरकार ने मंडियों में सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। प्रत्येक मंडी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी दी गई है और मंत्री, विधायक व प्रशासनिक अधिकारी लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को यहां आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया कि 10 साल हरियाणा में कांग्रेस का शासन रहा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री रहे, उन्होंने शासन नहीं किया बल्कि राज किया। उनके राज में किसानों को क्या—क्या परेशानियां होती थी। उस दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए 3 से 7 दिन तक मंडियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। बोरियों की सप्लाई भी नहीं होती थी। मंडी में पड़ी फसल भी बारिश में भिगती थी, तो किसान अपने पैसे से तिरपाल लेकर आता था। कांग्रेस बताए कि उन्होंने अपने 10 साल में फसल सुरक्षा के लिए कितने गोदाम बनाए हैं। कांग्रेस के समय में फसल के अंदर कटौती होती थी। इनके समय में सिस्टम बहुत धीमा था। किसानों को पैसा भी समय पर नहीं मिलता था। यहां तक कि इनके समय में ये मुआवजे के भी 2—2 रुपये के चैक किसानों को देते थे और किसान का मजाक बनाते थे। आज हमारी सरकार उन व्यवस्थाओं को ठीक कर रही है तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की फसल का एक—एक दाना खरीदने का काम सरकार करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियां देश के लिए ठीक नहीं थी, बल्कि उनके परिवार के लिए ठीक थी। इनकी गलत नीतियों के कारण इन्होंने देश को पीछे धकेला। कांग्रेस के आज हालात ऐसे हो गए हैं, जैसे पानी के बाहर मछली को रख दिया हो।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यदि गरीब की चिंता किसी ने की है तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने की है। उनकी सोच थी कि गांव—गांव तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे और जो व्यक्ति किसी कारण से भी सरकारी कार्यालयों में नहीं जा सकते, उन तक भी योजनाओं को पहुंचाया जाए। इसके लिए विकसित भारत यात्रा हर गांव और हर घर तक पहुंची है, जिससे हर गरीब व्यक्ति मजबूत और सशक्त हुआ है।

मंडियों में सरसों और गेहूं की सुचारू खरीद जारी

मुख्यमंत्री ने फसल खरीद की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में गत 28 मार्च से सरसों की खरीद जारी है। अब तक मंडियों में 16 हजार 46 मीट्रिक टन सरसों की आवक हुई है। इसमें से 3 हजार 421 मीट्रिक टन सरसों की सरकारी खरीद की गई है। शेष सरसों निजी व्यापारियों द्वारा खरीदी गई है। मंडियों से 1 हजार 558 मीट्रिक टन सरसों का उठान करवाया जा चुका है। किसानों को 6 हजार 200 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से अब तक 4 करोड़ 94 लाख रुपये का भुगतान डी.बी.टी के माध्यम से उनके बैंक खातों में किया जा चुका है।

इसी प्रकार, गत 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद भी जारी है। अब तक मंडियों में 17 लाख 37 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 3 लाख 92 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। अब बारिश रूकने के बाद उठान प्रकिया में तेजी आ जाएगी। किसानों को 2 हजार 585 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से अब तक 13 करोड़ 9 लाख रुपये का भुगतान डी.बी.टी के माध्यम से उनके बैंक खातों में किया जा चुका है।

फसल नुकसान एवं भरपाई के लिए हिसार, सिरसा व फतेहाबाद के लिए पोर्टल खुला

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 6, 7 व 8 अप्रैल को बारिश के कारण प्रदेश के 4 जिलों फतेहाबाद, हिसार, सिरसा व कुरूक्षेत्र के कुछ गांवों में फसलों को नुकसान होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उन्होंने स्वयं संबंधित जिलों के उपायुक्तों से बात कर स्थिति का पता लगाया है। फसलों को हुए नुकसान एवं भरपाई के लिए हिसार, सिरसा व फतेहाबाद के लिए पोर्टल खोल दिया गया था, बाकी नुक्सान वाले जिलों में भी तुरंत कारवाई कर ली जायेगी। अब तक इस पोर्टल पर तीनों जिलों के गांवों के 1 हजार 350 किसानों ने 10 हजार 88 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है। इनमें फतेहाबाद जिले के 9 गांव, हिसार के 10 गांव तथा सिरसा के 2 गांव शामिल हैं।

मजदूरों के न्यूनतम रेट्स में हुई वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 8 अप्रैल को प्रदेश के मजदूरों के मिनिमम रेट्स में वृद्धि की है। अब अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,275 रुपये से बढ़कर 15,220 रुपये तथा अर्धकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 12,430 रुपये से बढ़कर 16,780 रुपये हो गया है। इसी प्रकार, कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 13,704 रुपये से बढ़कर 18,500 रुपये और हाई स्किल्ड श्रमिकों का मासिक वेतन 14,389 रुपये से बढ़कर 19,425 रुपये हो गया है। श्रमिकों के न्यूनतम मासिक वेतन में लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

एक अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जनता के प्रति हमारी जवाबदेही है। बैंक के मामले में जांच जारी है और यह मामला सीबीआई को सौंप दिया है। हालांकि, सारा पैसा ब्याज सहित वापिस आ चुका है।

इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक डॉ प्रियंका सोनी, हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के सीईओ डॉ जयेंद्र सिंह छिल्लर, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर श्री राजीव जेटली, मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे।