रिश्वतकांड में फंसी CGHS की एडिशनल डायरेक्टर डॉ. नताशा वर्मा, CBI ने निजी सहायक के साथ रंगे हाथ पकड़ा
उत्तर प्रदेश के मेरठ में सीबीआई ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) ऑफिस में 19 घंटे की छापेमारी के बाद डॉ. नताशा वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार शाम से ही सीबीआई की छापेमारी शुरू हो गई थी। दरअसल, प्राइवेट हॉस्पिटल संचालक की ओर से 5 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। मामले में सीबीआई ने गुरुवार देर शाम सूरजकुंड स्थित सीजीएचएस कार्यालय पर छापा मारा।
सीबीआई ने मामले में शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया और इसके बाद पूरा ऑपरेशन प्लान किया। सीबीआई टीम ने करीब 19 घंटे तक सीजीएचएस की एडिशनल डायरेक्टर नताशा वर्मा से पूछताछ की। इसके बाद उनके निजी ड्राइवर को लेकर गाजियाबाद के लिए रवाना हो गई। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने इस एक्शन की पुष्टि की है।
कौन हैं नताशा वर्मा?
डॉ. नताशा वर्मा मेरठ सीजीएचएस ऑफिस में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर काम कर रही थीं। नताशा वर्मा पर पर प्राइवेट हॉस्पिटल्स को सूचीबद्ध करने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं। अस्पतालों को डॉ. नताशा सीजीएचएस से संबंद्ध करने के नाम पर रिश्वत मांगा। मामले की जानकारी के बाद सीबीआई ने जाल बिछाना शुरू किया। आखिरकार डॉ. नताशा वर्मा और उनके ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है।
CBI arrests CGHS Additional Director in Bribery case pic.twitter.com/7G8UP2aXB7
— Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) May 1, 2026
CBI के मुताबिक, 30 अप्रैल को इस मामले में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि एडिशनल डायरेक्टर के निजी सहायक ने 80,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह रकम CGHS के एक कर्मचारी का तबादला मुरादाबाद से मेरठ कराने के लिए मांगी गई थी। यह रिश्वत कथित तौर पर स्वास्थ्य भवन, सीजीएचएस, मेरठ के अधिकारियों/कर्मचारियों की ओर से मांगी जा रही थी।
