एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने की पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा; लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने के दिए निर्देश

 
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने की पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा; लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने के दिए निर्देश
फरीदाबाद, जिला सचिवालय में आज 'पीएम स्वनिधि योजना' के क्रियान्वयन को लेकर 'जिला स्तरीय निगरानी समिति' की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने की।

बैठक के प्रारंभ में नगर परियोजना अधिकारी श्री महेंद्र सिंह ने योजना की वर्तमान स्थिति और प्रगति का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में अब तक प्रथम किश्त के लिए 39,543 आवेदन प्रायोजित किए गए हैं, जिनमें से बैंकों द्वारा 25,625 आवेदन स्वीकृत और 24,764 वितरित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार, दूसरी किश्त के लिए 10,340 आवेदन भेजे गए, जिनमें से 7,563 स्वीकृत और 6,870 वितरित हुए हैं। तीसरी किश्त की स्थिति साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 2,145 आवेदन प्रायोजित किए गए, जिनमें से अब तक केवल 1,504 लाभार्थियों को ही ऋण वितरित किया गया है।

बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने बैंकों के पास विचाराधीन आवेदनों की समीक्षा की और सेवा में और अधिक गति लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पीएम स्वनिधि योजना का मूल लक्ष्य रेहड़ी-पटरी वाले छोटे उद्यमियों को समय पर आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। एडीसी ने बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे जनहित को प्राथमिकता देते हुए लंबित आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाएं, ताकि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच सके और पात्र लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने अग्रणी जिला प्रबंधक कैनरा बैंक को विशेष निर्देश दिए कि वे इस मामले में निजी तौर पर ध्यान दें और सभी बैंकों की प्रगति की समीक्षा करें। उन्होंने एलडीएम को अपनी अध्यक्षता में सभी बैंक शाखाओं की एक तत्काल बैठक बुलाने के निर्देश दिए ताकि प्रगति में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके और जिले में पीएम स्वनिधि योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक (कैनरा बैंक), भारतीय स्टेट बैंक व पंजाब नेशनल बैंक के जिला समन्वयक, नगर परियोजना अधिकारी महेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
 
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने की पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा; लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने के दिए निर्देश

फरीदाबाद, 05 मई।
जिला सचिवालय में आज 'पीएम स्वनिधि योजना' के क्रियान्वयन को लेकर 'जिला स्तरीय निगरानी समिति' की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने की।

बैठक के प्रारंभ में नगर परियोजना अधिकारी श्री महेंद्र सिंह ने योजना की वर्तमान स्थिति और प्रगति का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में अब तक प्रथम किश्त के लिए 39,543 आवेदन प्रायोजित किए गए हैं, जिनमें से बैंकों द्वारा 25,625 आवेदन स्वीकृत और 24,764 वितरित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार, दूसरी किश्त के लिए 10,340 आवेदन भेजे गए, जिनमें से 7,563 स्वीकृत और 6,870 वितरित हुए हैं। तीसरी किश्त की स्थिति साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 2,145 आवेदन प्रायोजित किए गए, जिनमें से अब तक केवल 1,504 लाभार्थियों को ही ऋण वितरित किया गया है।

बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने बैंकों के पास विचाराधीन आवेदनों की समीक्षा की और सेवा में और अधिक गति लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पीएम स्वनिधि योजना का मूल लक्ष्य रेहड़ी-पटरी वाले छोटे उद्यमियों को समय पर आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। एडीसी ने बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे जनहित को प्राथमिकता देते हुए लंबित आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाएं, ताकि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच सके और पात्र लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने अग्रणी जिला प्रबंधक कैनरा बैंक को विशेष निर्देश दिए कि वे इस मामले में निजी तौर पर ध्यान दें और सभी बैंकों की प्रगति की समीक्षा करें। उन्होंने एलडीएम को अपनी अध्यक्षता में सभी बैंक शाखाओं की एक तत्काल बैठक बुलाने के निर्देश दिए ताकि प्रगति में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके और जिले में पीएम स्वनिधि योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक (कैनरा बैंक), भारतीय स्टेट बैंक व पंजाब नेशनल बैंक के जिला समन्वयक, नगर परियोजना अधिकारी महेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित रहे।