Haryana News: हरियाणा की सैनी सरकार का बड़ा ऐलान, 95 करोड़ रुपए से सुधारेगी 20 ऐतिहासिक स्थलों की हालत

 
Haryana News: Big announcement by Haryana's Saini government, will improve the condition of 20 historical sites with Rs 95 crore.

हरियाणा के सहकारिता, विरासत और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपनी धरोहर सहेजने के संकल्प को हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के केंद्र और राज्य संरक्षित ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण के बाद उन्हें पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेगी। ताकि देशी- विदेशी पर्यटक प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से खुद को जोड़ सकें।
 

जानकारी के मुताबिक, डॉ. अरविंद शर्मा ने आज यानी बुधवार को नारनौल में सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत नारनौल-महेन्द्रगढ़, कैथल, जींद, भिवानी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह के 20 राज्य संरक्षित धरोहरों के 95 करोड़ रुपए से होने वाले जीर्णाेद्धार और सौंदर्यीकरण की परियोजना का शुभारंभ कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि नारनौल क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और आमजन की भावना है कि बावड़ियों, मकबरों और महलों वाले नारनौल को ‘विरासत नगरी’ घोषित किया जाए। इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से शीघ्र मुलाकात की जाएगी।

 

वहीं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प अपनी विरासत, धरोहरों को संजोने व उन्हें जन-जन की पहुंच में लाने का है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हरियाणा दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बनाने के लिए निरन्तर बड़े कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी राशि के साथ राज्य संरक्षित स्थलों के संरक्षण, संवर्धन पर जोर दिया जा रहा है। यह कदम हमारे अतीत का सम्मान, वर्तमान की जिम्मेदारी और भविष्य की पीढ़ियों के लिए अवसर के तौर पर माना जाएगा। केंद्र-प्रदेश सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व व सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी संवेदनशीलता के कारण ही यह ऐतिहासिक पहल सम्भव हो पाई है।

हरियाणा की धरती इतिहास की गवाह

पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा की धरती इतिहास की गवाह रही है। यहां की बावड़ियां, किले, महल, प्राचीन मंदिर व हवेलियां केवल पत्थरों की इमारतें नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान व गौरव का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से हरियाणा एक सांस्कृतिक और पर्यटक मैत्री राज्य के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य स्मारकों की वास्तु विरासत को समझना, आगंतुकों को बेहतर अनुभव दिलाना व पर्यटन स्थलों की पहुंच व सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

75 ऐतिहासिक धरोहरों पर चलाया जाएगा स्वच्छता अभियान

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शुक्रवार से प्रदेश के 75 ऐतिहासिक धरोहरों पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन, 33 स्मारकों और 42 टूरिस्ट काम्प्लेक्सों में स्वच्छता अभियान की मुहिम को शुरू किया जा रहा है। आगामी दिनों में धरोहर स्थलों पर कार्यशालाओं, विरासत भ्रमण के माध्यम से आमजन, विशेषकर युवा वर्ग को आमंत्रित किया जाएगा। ताकि, विरासत की हिफाजत मुहिम में वो अपनी जिम्मेदारी को अहसास कर सकें।

47 करोड़ रुपए होंगे खर्च

उन्होंने कहा कि जिला महेंद्रगढ़ के नारनौल में ऐतिहासिक विरासत को संजोने पर लगभग 47 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें राज्य सुरक्षित स्मारक मिर्जा अली जान की बावड़ी, फोर्ट इस्लामपुर, छत्ता राय बालमुकुंद दास, चोर गुंबद, शोभा सरोवर, त्रिपोलिया गेटवे, पीर तुर्कमान, बावड़ी पॉलिटेक्निक और राज्य सुरक्षित स्मारक मुकुंदपुरा बावड़ी शामिल है। इसके अलावा कैथल के भाई की बावली के जीर्णाेद्धार पर 4 करोड़ 46 लाख 46 हजार, जींद के किला जफरगढ़ के जीर्णाेद्धार पर 5 करोड़ 52 लाख 72 हजार व सफीदों किला पर 6 करोड़ 78 लाख 35 हजार, भिवानी के तोशाम किला के पर 5 करोड़ 43 लाख 6 हजार, गुरुग्राम के सोहना में लाल गुंबद पर 6 करोड़ 77 लाख 66 हजार, बादशाहपुर बावली में 4 करोड़ 25 लाख 58 हजार, फरीदाबाद के रानी की छतरी के जीर्णाेद्धार पर 1 करोड़ 32 लाख 53 हजार, नूंह के डेहरा मंदिर के जीर्णाेद्धार पर 5 करोड़ 32 लाख 30 हजार व तावड़ू के गुंबद परिसर के जीर्णाेद्धार पर 1 करोड़ 50 लाख, फरुखनगर के शीशमहल के जीर्णाेद्धार पर 4 करोड़ 54 लाख 30 हजार, पलवल के मानपुर स्थित ऐतिहासिक केसुरिया खेड़ा के जीर्णाेद्धार पर 2 करोड़ 16 लाख 81 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

कौन-कौन रहा मौजूद

इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं नारनौल विधायक ओम प्रकाश यादव, महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह, विरासत व पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव कला रामचंद्रन, उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की उपनिदेशक डॉ. बनानी भट्टाचार्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।