खराब पौधों को बदलने या बागवानी से जुड़ी टूल किट पर 40 से 75 प्रतिशत अनुदान

 
खराब पौधों को बदलने या बागवानी से जुड़ी टूल किट पर 40 से 75 प्रतिशत अनुदान

सिरसा, 16 अप्रैल। जिला में बागवानी किसानों की आय में वृद्धि करने तथा बागवानी क्षेत्र का और अधिक विस्तार करने के लिए उद्यान विभाग द्वारा पुराने पौधों को हटाने तथा कीट प्रबंधन और सिंचाई व टूल किट आदि पर अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को पुराने बागों में सुधार जैसे मृत या पुराने पौधों को हटाने पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है जिसकी इकाई लागत चार हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत के आधार पर 1600 रुपये प्रति एकड़ एक मुश्त दिए जाते हैं।

यह लाभ अधिकतम पांच एकड़ तक मिलेगा। इसी तरह जिन बागों में पौधों के बीच खाली स्थान है, वहां नए पौधे लगाने के लिए भी इसी दर से अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। 4,000 रुपये प्रति एकड़ की लागत पर 40 प्रतिशत सहायता के रूप में किसानों को 1600 रुपये प्रति एकड़ मिलते हैं, जिससे बागों का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन को बेहतर बनाया जा सकता है।


फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने के लिए पोषक तत्व प्रबंधन, कीट नियंत्रण तथा सिंचाई पर होने वाले खर्च को भी योजना में शामिल किया गया है। इसमें 16,000 रुपये प्रति एकड़ की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को प्रति एकड़ 6,400 रुपये की सहायता प्राप्त होती है। यह सुविधा भी अधिकतम 5 एकड़ तक लागू है, जिससे किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।


उद्यान विभाग द्वारा किसानों को सौंठ मशीन खरीदने पर 20,000 रुपये की लागत के आधार पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को 15,000 रुपये तक की सहायता मिलती है। वहीं टूल किट के लिए 5,000 रुपये की लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को 3,750 रुपये तक की सहायता मिलती है। इस योजना के अंतर्गत प्रति किसान एक टूल किट की सीमा निर्धारित की गई है।


जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से उद्यान विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोडऩा, उत्पादन लागत को कम करना और फसलों की गुणवत्ता में सुधार करना है। विभाग की इन पहलों से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।