हरियाणा के शिक्षकों के लिए हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नोशनल सेवा का लाभ लेने वाले शिक्षकों के लिए कही ये बात
हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति (Teacher Transfer Policy) के तहत अनुभव अंकों की गणना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी (PGT) शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन शिक्षकों को किसी आदेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्व प्रभाव से नोशनल सेवा (Notional Service) का लाभ मिला है, उन्हें शिक्षक स्थानांतरण अभियान में भी उस नोशनल सेवा अवधि के आधार पर पूरे अनुभव अंक दिए जाएंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह याचिका परविंद्र कुमार समेत दर्जनों पीजीटी शिक्षकों द्वारा दायर की गई थी। शिक्षकों का तर्क था कि:
* शिक्षा विभाग उनकी नोशनल सेवा को एसीपी (ACP), वरिष्ठता (Seniority) और नोशनल वेतन निर्धारण सहित अन्य सभी सेवा लाभों के लिए तो मान्यता दे रहा है,
* लेकिन जब शिक्षक स्थानांतरण अभियान (Teacher Transfer Drive) में अनुभव के अंक देने की बारी आई, तो विभाग केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि (Actual Joining Date) को ही आधार मान रहा था।
विभाग के इस रुख के कारण प्रभावित शिक्षकों की सेवा अवधि कम आंकी जा रही थी, जिससे स्थानांतरण प्रक्रिया में उनकी मेरिट गिर रही थी और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
अदालत में क्या हुई दलीलें?
* शिक्षा विभाग का पक्ष: विभाग ने अदालत के समक्ष दलील दी कि इसी तरह का विवाद पहले भी हाईकोर्ट की एकल और दो सदस्यीय पीठ के समक्ष आ चुका है और संबंधित याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
* शिक्षकों के वकील की दलील: शिक्षकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के ऐतिहासिक फैसले 'भारत सरकार बनाम के. बी. राजोरिया' का हवाला देते हुए मजबूत पैरवी की कि नोशनल सेवा को अनुभव गणना से बाहर नहीं रखा जा सकता।
हाईकोर्ट का अहम निर्देश
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर पीजीटी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने तय किया कि:
* नोशनल सेवा अवधि को शिक्षक स्थानांतरण के लिए अनुभव गणना से बाहर नहीं किया जा सकता।
* अब ऐसे शिक्षकों को उनकी मान्य नोशनल सेवा अवधि के पूरे अनुभव अंक मिलेंगे, जिससे ट्रांसफर ड्राइव में उनकी मेरिट सुधरेगी और उन्हें मनपसंद स्टेशन/पद मिलने की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।
