WFI ने 5 पहलवानों पर 4 सालों के लिए लगाया बैन

पानीपत:5 पहलवानों पर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की गाज गिरी है। आरोप है कि इन पहलवानों ने अपनी उम्र छिपाकर खेला। जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर एशियन अंडर-20 ट्रायल्स के गोल्ड मेडलिस्ट दीपांशु समेत 5 रेसलर्स पर 4 सालों का प्रतिबंध लगा दिया है। बैन के कारण दीपांशु का नाम थाईलैंड जाने वाली एशियन चैम्पियनशिप टीम से कट गया है। उनके अलावा तनुज आंतिल, बलजोत सिंह, निखिल दलाल और साकेत को प्रतिबंधित किया गया है।  दीपांशु की जगह पवन बालाजी को टीम में शामिल किया गया है। 
 
WFI ने 5 पहलवानों पर 4 सालों के लिए लगाया बैन

 पानीपत: 5 पहलवानों पर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की गाज गिरी है। आरोप है कि इन पहलवानों ने अपनी उम्र छिपाकर खेला। जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर एशियन अंडर-20 ट्रायल्स के गोल्ड मेडलिस्ट दीपांशु समेत 5 रेसलर्स पर 4 सालों का प्रतिबंध लगा दिया है। बैन के कारण दीपांशु का नाम थाईलैंड जाने वाली एशियन चैम्पियनशिप टीम से कट गया है। उनके अलावा तनुज आंतिल, बलजोत सिंह, निखिल दलाल और साकेत को प्रतिबंधित किया गया है।  दीपांशु की जगह पवन बालाजी को टीम में शामिल किया गया है। 

महासंघ ने 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया

ट्रायल्स के दौरान केवल खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। सीनियर रेफरी जयबीर सिंह को महासंघ ने 'कारण बताओ नोटिस' (Show-Cause Notice) जारी किया है। ट्रायल्स के फाइनल मुकाबले के दौरान सीनियर रेफरी जयबीर सिंह अपनी रेफरी किट उतारकर मैट के कॉर्नर पर बैठ गए। वह वहां फाइनल मैच खेल रहे अपने बेटे रौनक दहिया को कोचिंग दे रहे थे, जो कि रेफरी नियमों और 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' (हितों के टकराव) के पूरी तरह खिलाफ है। कुश्ती संघ ने इस अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें 10 जून तक जवाब देने का आदेश दिया है।