UPSC Success Story: रेवाड़ी के दो बेटों ने पास की UPSC परीक्षा, ASI के बेटे की AIR 490, शहीद के बेटे की 506वीं रैंक

 
UPSC Success Story: रेवाड़ी के दो बेटों ने पास की UPSC परीक्षा, ASI के बेटे की AIR 490, शहीद के बेटे की 506वीं रैंक
UPSC Success Story: मेहनत करने वाले कभी हार नहीं मानते चाहे जीवन में कितनी भी असफलता क्यों न आ जाए वे एक न एक दिन कामयाबी के झंडे जरूर गाड़ देते है। हाल ही में UPSC परीक्षा का परिणाम जारी हुआ है जिसमें हरियाणा के रेवाड़ी जिले के दो बेटों ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रेवाड़ी के दो बेटों ने UPSC परीक्षा पास की है। 

गांव कंवाली निवासी दिल्ली पुलिस के ASI के बेटे मंजीत सिंह ने AIR 490 और काकोड़िया निवासी शहीद के बेटे रोहित यादव ने 506वां रैक हासिल की है। UPSC Success Story

दिल्ली पुलिस के ASI के बेटे मंजीत के दादा स्व. रामोतार भी दिल्ली पुलिस में SI थे। वहीं काकोड़ियां निवासी रोहित यादव जिन्होंने 506वां रैक हासिल किया है वे शहीद मनोज कुमार यादव के बेटे हैं। UPSC में चयनित बेटों व उनके परिवार को हर तरफ से बधाई मिल रही है।

दिल्ली में रहता है परिवार

दिल्ली पुलिस के ASI के बेटे मंजीत सिंह का परिवार मूल रूप से रेवाड़ी के गांव कवाली का रहने वाला है और फिलहाल पी-ब्लॉक 3-4, मोहन गार्डन, उत्तम नगर नई दिल्ली में रहता है। चेयरमैन करणपाल खोला ने इस उपलब्धि पर मंजीत सिंह और उसके परिवार को बधाई दी। UPSC Success Story

ऐसे पाई सफलता

पुलिस बैकग्राउंड वाले परिवार में जन्में मंजीत सिंह ने अपने पहले प्रयास में UPSC की परीक्षा क्वालीफाई की है। 

बीटैक के बाद ऑफर

गांव काकोड़िया निवासी शहीद मनोज यादव के बेटे रोहित यादव ने 509वां रैक प्राप्त किया। रोहित की उपलब्धि पर ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। रोहित की प्रारंभिक शिक्षा गांव व आसपास की है। UPSC Success Story

12वीं पास करने के बाद रोहित ने दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई की। बीटैक करने के बाद रोहित को बड़ी कंपनी में नौकरी का ऑफर मिला। जिसकी बजाय रोहित ने UPSC की तैयारी करने का फैसला लिया। UPSC Success Story

इनको दिया श्रेय

रोहित यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी कमला देवी, माता संतोष देवी, परिवार और शिक्षकों को दिया। रोहित की छोटी बहन एकता दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रही है। रोहित ने कहा कि यह मेरे पिता और दादा का सपना था की मै देश सेवा करूं।