हरियाणा के 610 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में UPI भुगतान सुविधा शुरू, घर बैठे हो सकेगा OPD पंजीकरण
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर- हरियाणा सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लंबी कतारों से राहत दिलाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश के 610 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान सुविधा शुरू की गई है। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले घर बैठे ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण कराने की सुविधा का भी विस्तार किया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण और भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाना, मरीजों का प्रतीक्षा समय कम करना तथा उन्हें सुविधाजनक और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 23 जिला नागरिक अस्पतालों, 52 नागरिक एवं उप-नागरिक अस्पतालों, 121 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 414 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित कुल 610 स्वास्थ्य संस्थानों में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू कर दी गई है। इस सुविधा के माध्यम से मरीज अब ओपीडी पंजीकरण, आईपीडी पंजीकरण, मेडिको-लीगल मामलों तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान यूपीआई के माध्यम से कर सकेंगे। प्रदेश के सभी 23 जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों में भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
घर बैठे ओपीडी पंजीकरण से मरीजों का बचेगा समय
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ई-उपचार अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली से जुड़े 23 जिला नागरिक अस्पतालों, 31 नागरिक एवं उप-नागरिक अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में घर बैठे ओपीडी पूर्व-पंजीकरण की सुविधा को भी सुदृढ़ किया है। इसके तहत मरीज अस्पताल जाने से पहले ही ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण करवा सकेंगे। इससे उन्हें अस्पताल पहुंचने के बाद पारंपरिक पंजीकरण काउंटरों पर लंबी कतारों में लगने से राहत मिलेगी। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने वाले मरीजों को निर्धारित तिथि और समय पर अस्पताल पहुंचना होगा।
उन्होंने बताया कि अस्पतालों में पूर्व-पंजीकरण के लिए अलग से काउंटर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही शुल्क भुगतान की प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए ‘स्कैन एंड पे’ सुविधा भी शुरू की गई है।
118 स्वास्थ्य संस्थानों में ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सुविधा
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ई-हॉस्पिटल प्रणाली के अंतर्गत संचालित 118 स्वास्थ्य संस्थानों में ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सुविधा भी शुरू की है। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक के संस्थान शामिल हैं। इस सुविधा के माध्यम से मरीज पारंपरिक पंजीकरण कतारों में लगे बिना ओपीडी सेवाओं के लिए अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इससे विशेष रूप से अधिक मरीजों की आवाजाही वाले समय में अस्पतालों के पंजीकरण काउंटरों पर भीड़ कम होगी और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी।
डिजिटल सुविधाओं के साथ नकद भुगतान और ऑफलाइन पंजीकरण भी रहेगा जारी
डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन पंजीकरण सुविधाएं शुरू होने के बावजूद अस्पतालों में नकद भुगतान तथा सीधे पहुंचकर पंजीकरण कराने की पारंपरिक व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं है अथवा जो डिजिटल भुगतान एप का उपयोग नहीं करते, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। ऐसे मरीज पहले की तरह अस्पताल पहुंचकर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे और नकद भुगतान भी कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य सभी नागरिकों को सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पानीपत में सफल परीक्षण के बाद पूरे प्रदेश में लागू की गई व्यवस्था
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली का सबसे पहले पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल में सफल परीक्षण किया गया था। इसके सकारात्मक परिणामों के बाद इस सुविधा को प्रदेश के अन्य जिलों में लागू करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 13 अक्टूबर को राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसमें सभी सिविल सर्जनों और उप-सिविल सर्जनों को 16 अक्टूबर तक यूपीआई आधारित भुगतान सुविधा लागू करने के निर्देश दिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदेश के सभी 23 जिलों में इस व्यवस्था को क्रियान्वित कर दिया।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। इससे न केवल मरीजों के समय की बचत होगी, बल्कि अस्पतालों में पंजीकरण और भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं भी सुव्यवस्थित होंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग नागरिकों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन पंजीकरण की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
